जोहान्सबर्ग , फरवरी 08 -- दक्षिण अफ्रीका ने लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (डीआरसी) में संयुक्त राष्ट्र संघ स्थिरीकरण मिशन (मोनुस्को) से अपने सैनिकों को वापस बुलाने का निर्णय लिया है।

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति कार्यालय ने रविवार को एक बयान में बताया कि दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने 12 जनवरी को फोन पर हुई बातचीत के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने उल्लेख किया कि यह निर्णय दक्षिण अफ्रीका की शांति सेना की प्रतिबद्धताओं की व्यापक समीक्षा करने और दक्षिण अफ्रीका की रक्षा संसाधनों को मजबूत एवं पुनर्गठित करने की आवश्यकता के बाद लिया गया है।

बयान में कहा गया है कि दक्षिण अफ्रीका पिछले 27 वर्षों से मोनुस्को में अपने सैनिक भेज रहा है और वर्तमान में इस मिशन के हिस्से के रूप में लगभग 700 सैनिकों की तैनाती है। इसमें कहा गया है कि सैनिकों की वापसी संयुक्त राष्ट्र के साथ घनिष्ठ समन्वय में की जाएगी ताकि एक व्यवस्थित और जिम्मेदार तरीके से यह प्रक्रिया पूरी हो सके। इस प्रक्रिया के 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।

राष्ट्रपति कार्यालय ने लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो में शांति, स्थिरता और विकास के लिए दक्षिण अफ्रीका की पुरानी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका वहां की सरकार के साथ घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंध बनाए रखेगा और अफ्रीकी संघ, दक्षिणी अफ्रीकी विकास समुदाय और संयुक्त राष्ट्र सहित द्विपक्षीय संबंधों और बहुपक्षीय ढांचे के माध्यम से शांति प्रयासों का समर्थन करना जारी रखेगा।

उल्लेखनीय है कि लुसाका युद्धविराम समझौते के कार्यान्वयन के लिए 1999 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा मोनुस्को की स्थापना की गई थी।

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