दंतेवाड़ा , मार्च 31 -- छत्तीसगढ के दंतेवाडा जिले में चार महिला और एक पुरुष सहित पांच नक्सलियों ने मंगलवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया और उनकी निशानदेही पर 40 हथियारों की बरामद किये गये।पुलिस ने बताया कि नक्सलियों ने .303,एसएलआर, कार्बाइन और बीजीएल जैसे घातक हथियारों डाले हैं। इन नक्सलियों पर नौ लाख रुपए का ईनाम घोषित था।

बस्तर रेंज आईजी पी सुंदरराज राज ने आत्म समर्पण कार्यक्रम स्थल पर बताया कि दक्षिण बस्तर जिले में 'पूना मारगेम - पुनर्वास से पुनर्जीवन' पहल के तहत आज एक बड़ी सफलता मिली जब दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े पाँच नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापसी का रास्ता चुना। इनमें चार महिला कैडर शामिल हैं। सभी पर कुल नौ लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों की सूचना पर ही सुरक्षा बलों ने विभिन्न डम्पों से इंसास, एसएलआर, बीजीएल सहित कुल 40 घातक हथियार बरामद किए हैं, जो नक्सल विरोधी अभियानों में एक अहम उपलब्धि है।

आत्मसमर्पण करने वालों में भैरमगढ़ एरिया कमेटी (एसीएम) और पार्टी सदस्य शामिल हैं। पहला नाम सोमे कड़ती है, जो भैरमगढ़ एरिया कमेटी का एसीएम पद पर था। इस 42 वर्षीय नक्सली मुरिया जाति, निवासी चेरली कोकोदीपारा, थाना मिरतुर, जिला बीजापुर पर पांच लाख रुपये का इनाम था। दूसरे नाम लखमा ओयाम हैं, जो भैरमगढ़ एरिया कमेटी के पार्टी सदस्य हैं। 19 वर्षीय लखमा ओयाम पिता मोंडा ओयाम, निवासी बेचापाल कड़तीपारा, थाना मिरतुर, जिला बीजापुर पर एक लाख का इनाम था। तीसरे नाम सरिता पोड़ियाम हैं, 21 वर्षीय महिला कैडर, भैरमगढ़ एरिया कमेटी की पार्टी सदस्य। सरिता पोड़ियाम पिता पण्डरू पोड़ियाम, निवासी हिंगुम नयापारा, थाना जंगला, जिला बीजापुर पर एक लाख का इनाम था। चौथे नाम जोगी कलमू हैं, 20 वर्षीय पार्टी सदस्य। जोगी कलमू पिता सोमडा कलमू, निवासी नेण्ड्रा गोटूमपारा, थाना बासागुडा, जिला बीजापुर पर एक लाख का इनाम था। पाँचवीं और अंतिम कैडर मोटी ओयाम हैं, जो गंगालूर एरिया कमेटी की पार्टी सदस्य है। 19 वर्षीय मोटी ओयाम, पीडिया निवासी, कुप्पागुडापारा, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर पर एक लाख का इनाम था।

इन सभी ने दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के पश्चिम बस्तर डिवीजन के सदस्यों ने राष्ट्र की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण के बाद इनके बताए ठिकानों से सुरक्षा बलों ने आठ एसएलआर रायफल, तीन इंसास रायफल, एक कारबाइन, एक .303 रायफल, पांच बीजीएल लॉन्चर सहित कुल 40 हथियार बरामद किए। इससे कमजोर हो चुके माओवादी संगठन की सैन्य क्षमता को गहरा आघात पहुँचा है।

उल्लेखनीय है कि 'पूना मारगेम' की इस पहल से प्रभावित होकर जिला दंतेवाड़ा में वर्ष 2024 से आज तक कुल 607 माओवादी कैडर हिंसा छोड़कर शांतिपूर्ण एवं सामाजिक जीवन की ओर अग्रसर हो चुके हैं। इसके अलावा, जिले में चलाए गए संयुक्त नक्सल उन्मूलन अभियानों में 92 नक्सलियों को गिरफ्तार करने और 54 को मुठभेड़ों में मार गिराने में सफलता मिली है। दंतेवाड़ा ने बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा जैसे सीमावर्ती जिलों के साथ मिलकर कई संयुक्त अभियानों में भी हिस्सा लिया, जिसमें शीर्ष कैडरों सहित कई नक्सली मारे गए।

इन आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों के पुनर्वास, सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन की नीतियों के अनुरूप प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी ने इस मौके पर कहा कि यह पहल क्षेत्र में स्थायी शांति, विकास और विश्वास का माहौल बनाने के लिए है, ताकि बस्तर में शांति और प्रगति की नई संभावनाएँ साकार हो सकें।

गौरतलब है कि यह आत्मसमर्पण कार्यक्रम जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा पुलिस लाइन कारली में आयोजित किया गया था, जिसमें पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज, पुलिस उप महानिरीक्षक (प्रशासन) सीआरपीएफ दंतेवाड़ा रेंज राकेश चौधरी, कलेक्टर देवेश ध्रुव, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, कमांडेंट 111वीं बटालियन सीआरपीएफ गोपाल यादव, अपर पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन, अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स जितेन्द्र कुमार खुटे, द्वितीय कमान अधिकारी अनिल कुमार झा, द्वितीय कमान अधिकारी 231वीं बटालियन सीआरपीएफ सतीश कुमार मलिक और सहायक कमांडेंट (सूचना) विमल कुमार सहित केन्द्रीय सुरक्षा बलों तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी गरिमामयी मौजूद रहे।

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