दंतेवाड़ा , फरवरी 13 -- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नयी दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा तैयारियों की समीक्षा की गई। इस संबंध में जिला न्यायालय परिसर स्थित न्याय सदन में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता अध्यक्ष, प्रधान जिला न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य ने की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों, बैंकों एवं बीमा कंपनियों के समन्वय से अधिक से अधिक प्रकरणों को लोक अदालत में रखकर पक्षकारों को शीघ्र एवं सुलभ न्याय प्रदान करना रहा। बैठक में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश, जिला न्यायालय के समस्त पीठासीन न्यायाधीश, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दंतेवाड़ा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण और पैनल अधिवक्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के अलावा विद्युत विभाग, नगर पालिका दंतेवाड़ा, गीदम एवं बारसूर, दूरसंचार विभाग तथा जिला अंत्यावसायी विभाग के अधिकारियों ने भी भाग लिया। बैंकिंग क्षेत्र से भारतीय स्टेट बैंक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, कैनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्रधान जिला न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य ने उपस्थित अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को निर्देशित किया कि वे अधिक से अधिक लंबित प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत में सूचीबद्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि पक्षकारों को ससमय न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि लोक अदालत न केवल नागरिकों को समय, धन और श्रम की बचत कराती है, बल्कि आपसी सहमति से प्रकरणों के निराकरण का सशक्त माध्यम भी है।
उन्होंने संबंधित विभागों और बैंकों से आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने एवं लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस आयोजन का लाभ उठा सकें और उनके लंबित मामलों का स्थायी समाधान हो सके।
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