दंतेवाड़ा , मई 30 -- ) छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री सहायता एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जन शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के उद्देश्य से शनिवार को जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि मुख्यमंत्री सहायता के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुशासन को मजबूत बनाने के लिए शासन द्वारा जवाबदेह एवं पारदर्शी तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक शिकायत का गंभीरतापूर्वक समाधान हो सके। उन्होंने अधिकारियों से प्रशिक्षण में बताए गए महत्वपूर्ण बिंदुओं को व्यवहारिक रूप से लागू करने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण में राज्य स्तरीय विशेषज्ञ दल के प्रमुख एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अधिकारी आर.के. शर्मा तथा सीएम हेल्पलाइन के आईटी मैनेजर सौरभ श्रीकांत ने हेल्पलाइन के प्रावधानों, संचालन प्रक्रिया और शिकायत निवारण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अधिकारियों को शिकायत प्रबंधन प्रणाली की कार्यप्रणाली, जवाबदेही तंत्र तथा तकनीकी प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया।

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप तथा व्हाट्सएप के माध्यम से चौबीसों घंटे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा। शिकायत दर्ज होने पर शिकायतकर्ता को एक विशिष्ट पहचान संख्या उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके जरिए वह शिकायत की स्थिति, संबंधित विभाग, जिम्मेदार अधिकारी तथा की गई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त कर सकेगा।

प्रशिक्षण में बताया गया कि शिकायत दर्ज होने के बाद उसे तत्काल संबंधित विभाग एवं अधिकारी तक पहुंचाया जाएगा तथा पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ी होगी, जिससे प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी।

अधिकारियों ने कहा कि शिकायत के समाधान के बाद संबंधित नागरिक से फीडबैक लिया जाएगा और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बाद ही शिकायत का पूर्ण निराकरण माना जाएगा। असंतोष की स्थिति में शिकायत स्वतः पुनः सक्रिय होकर आगे की कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि पूरी व्यवस्था की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। रियल टाइम मॉनिटरिंग और जवाबदेह प्रणाली के माध्यम से प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सक्रिय और जनोन्मुख बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा, डिप्टी कलेक्टर मूलचंद चौपड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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