दंतेवाड़ा , मार्च 14 -- छत्तीसगढ के दंतेवाडा में किसानों को उनके भूमि अभिलेखों की जानकारी सरलता से उपलब्ध कराने तथा राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने जिले भर में निःशुल्क बी-1 (खसरा खतौनी नकल) वितरण एवं वाचन अभियान संचालित करने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत किसानों को उनके भूमि अभिलेखों की प्रमाणित प्रति निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
जिला जन संपर्क अधिकारी (पीआरओ) से शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले की सभी तहसीलों में राजस्व विभाग के अधिकारी, तहसीलदार और पटवारी गांव-गांव जाकर बी-1 का वितरण कर रहे हैं। साथ ही ग्राम स्तर पर बी-1 का वाचन (पढ़कर सुनाने) भी किया जा रहा है, जिससे किसानों को उनके भूमि अभिलेखों की स्पष्ट और सही जानकारी मिल सके। वाचन के दौरान यदि किसी प्रकार की त्रुटि सामने आती है तो उसे नियमानुसार सुधारने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जा रही है।
इस पहल से किसानों को नामांतरण, बैंक ऋण, फसल बीमा तथा अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में काफी सुविधा होगी। जिला प्रशासन ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस अभियान को प्राथमिकता के साथ संचालित करें और अधिक से अधिक किसानों तक इसकी जानकारी पहुंचाएं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी पात्र किसान इस सुविधा से वंचित न रह जाए।
कलेक्टर ने कहा कि यह अभियान किसानों को उनके भूमि अधिकारों के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अपने गांव में आयोजित बी-1 वितरण एवं वाचन कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने भूमि अभिलेखों की जानकारी प्राप्त कर इस सुविधा का लाभ उठाएं। जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि आने वाले समय में हर किसान के पास उसका भूमि अभिलेख उपलब्ध हो और उसे अपने अधिकारों के बारे में पूरी जानकारी हो।
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