नयी दिल्ली , मार्च 16 -- तिलहन और खनिजों की कीमतों में भारी उछाल के साथ तंबाकू उत्पादों और बुनियादी धातुओं की कीमतों में वृद्धि से इस साल फरवरी में थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 2.13 प्रतिशत पर पहुंच गयी।
थोक महंगाई की यह दर पिछले साल मार्च के बाद सबसे अधिक है। मार्च 2025 में यह 2.25 प्रतिशत रही थी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों में बताया गया है कि फरवरी में खाद्य पदार्थों की महंगाई दर 2.19 प्रतिशत रही लेकिन गैर-खाद्य प्राथमिक उत्पादों की महंगाई दर 8.80 प्रतिशत रही। इसमें तिलहनों के दाम एक साल पहले की तुलना में 25 प्रतिशत और खनिजों के 11 प्रतिशत बढ़ गये। हालांकि कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में 2.56 प्रतिशत की नरमी रही। तंबाकू उत्पादों के दाम 6.28 प्रतिशत और कपड़ों के 3.29 प्रतिशत बढ़े। बुनियादी धातुओं की मुद्रास्फीति भी 4.35 प्रतिशत रही।
खाद्य पदार्थों में सब्जियों के दाम सालाना 4.73 प्रतिशत, फलों के 3.57 प्रतिशत, दूध के तीन प्रतिशत और अंडे, मांस तथा मछलियों के दाम 5.36 प्रतिशत बढ़े हैं। प्याज की कीमत में फरवरी 2025 के मुकाबले 40.95 प्रतिशत और आलू में 27.42 प्रतिशत की गिरावट रही। दालें 5.92 प्रतिशत और गेहूं 2.44 प्रतिशत सस्ता हुआ।
ईंधन एवं बिजली वर्ग में 3.78 प्रतिशत की गिरावट रही।
यह लगातार तीसरा महीना है जब थोक मुद्रास्फीति शून्य से ऊपर रही है। जनवरी 2026 में यह 1.81 प्रतिशत और दिसंबर 2025 में 0.96 प्रतिशत रही थी। पिछले साल फरवरी में थोक महंगाई 2.45 प्रतिशत दर्ज की गयी थी।
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