हैदराबाद , मई 22 -- तेलंगाना के कृषि मंत्री थुम्माला नागेश्वर राव ने शुक्रवार को बैंकों से अपील की कि वे फसल ऋण के अलावा अवसंरचना और मूल्यवर्धित कृषि के ऋण बढ़ाकर गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में और अधिक सक्रिय भूमिका निभायें।
श्री राव ने प्रजा भवन में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 49वीं तिमाही बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि तेलंगाना का क्रेडिट-जमा अनुपात 130.78 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है, जबकि 2025-26 के दौरान खेती का ऋण 1.87 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
उन्होंने गोदाम, शीत भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण इकाई, सिंचाई, सौर ऊर्जा उत्पादन, दुग्ध-व्यवसाय, मत्स्य पालन और मशीनीकरण परियोजना के लिए दीर्घकालिक निवेश ऋण की जरूरत पर बल दिया और कहा कि तेलंगाना की खेती तेजी से बागवानी और उससे जुड़े क्षेत्रों का विविधिकरण कर रहा है।
श्री राव ने राज्य सरकार की 21,000 करोड़ रुपये की कृषि ऋण माफी पहल पर भी बल दिया और कहा कि इससे ऋण वसूली में सुधार हुआ है और ग्रामीण क्रेडिट संस्कृति मजबूत हुई है। श्री थुम्माला ने बैंकों से किसान-उत्पादक संगठनों (एफपीओ), किराए पर खेती करने वाले किसानों और कृषि अवसंरचना परियोजनाओं को अधिक वित्तीय मदद देने की अपील की, ताकि तेलंगाना को ग्रामीण निवेश और मूल्यवर्धित खेती के लिए एक राष्ट्रीय मॉडल में बदलने में मदद मिल सके।
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