, Jan. 14 -- बैंकॉक, 14 जनवरी (वार्ता/शिन्हुआ) थाईलैंड के नखोन रतचसिमा में क्रेन से टक्कर के बाद रेलगाड़ी के पटरी से उतरने की दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गयी है, जबकि 67 लोग घायल हुए हैं। यह ट्रेन बैंकॉक से उबोन रतचथानी प्रांत जा रही थी।
अधिकारियों ने दुर्घटना के कुछ घंटों बाद बताया कि बुधवार सुबह तेज़-रफ्तार ट्रेन के लिये बनाये जा रहे पुल के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली एक क्रेन ट्रेन के ऊपर आ गिरी। नखोन रतचसिमा के गवर्नर चायवात च्यूनकोसुम ने यहां मीडिया से कहा कि इस दुर्घटना का मलबा पटरी से हटाने में और उसे फिर से चालू करने में थाईलैंड रेलवे को सात दिन तक का समय लग सकता है। घटना के कारण की जांच हो रही है।
थाईलैंड के उप-प्रधानमंत्री और परिवहन मंत्री फिफत रतचकितप्रकर्ण ने इससे पहले संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने एजेंसियों को दुर्घटना के कारण का पता लगाने और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिये मामले की पारदर्शी और विस्तृत जांच करने के लिये कहा है।
थाईलैंड की स्थानीय मीडिया के अनुसार, रेलवे के इस हिस्से के निर्माण के लिये जिम्मेदार मुख्य कॉन्ट्रैक्टर एक इटालवी-थाई कंपनी है। कंपनी ने दुर्घटना पर बयान जारी करते हुए कहा है कि वह मुआवज़े और इलाज से जुड़े हर खर्चे की जिम्मेदारी लेगी।
यह घटना सुबह 9.05 बजे हुई जब बैंकॉक-उबोन रत्चाथानी एक्सप्रेस ट्रेन बैंकॉक से लगभग 230 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में सिखिउ जिले के बान थानोन कोड से गुज़र रही थी। बताया जा रहा है कि ट्रेन में 195 यात्री और क्रू मेंबर थे और यह 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी।
थाईलैंड स्टेट रेलवे के अनुसार, क्रेन ट्रेन के दो डिब्बों पर गिर गयी। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो एक हाई-स्पीड रेल लाइन के लिए कंक्रीट गर्डर उठाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली क्रेन के गिरने से डिब्बे पटरी से उतर गए और उनमें आग लग गयी।
शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, क्रेन सबसे पहले दूसरे डिब्बे पर गिरी, जिसमें 40 यात्री सवार थे। एयर-कंडीशन्ड ट्रेन में इलेक्ट्रिक ऑटोमैटिक दरवाज़े और खिड़कियां थीं जिन्हें हाथ से नहीं खोला जा सकता था। इसी वजह से आग लगने के बाद लोगों के लिये बचना मुश्किल हो गया।
बचाव दल ने फंसे हुए यात्रियों को मलबे से निकालने के लिए हाइड्रोलिक कटर का इस्तेमाल किया और उन्हें सिखिउ, सुंग नोएन और महारत नाखोन रत्चासिमा अस्पतालों में पहुंचाया। बचाव दल का मानना था कि मलबे में अभी भी लगभग पांच और यात्री फंसे हुए हैं। सिखिउ अस्पताल में एक वॉर रूम बनाया गया है, जहां ज़्यादातर घायलों का इलाज चल रहा था। यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों में मदद करने के लिए घटनास्थल पर एक आपातकालीन केंद्र भी बनाया गया।
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