त्रिशूर , अक्टूबर 17 -- भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की ओर से त्रिशूर में आयोजित सम्मेलन में उद्योग जगत से जुड़े 100 से अधिक लोगों, निर्माताओं और व्यापारिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया है।
इस सम्मेलन में गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, प्रमाणन प्रक्रियाओं और सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में मानकीकरण की भूमिका पर चर्चा की गयी। विश्व मानक दिवस 2026 के आयोजनों के तहत बीआईएस कोच्चि शाखा की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में स्थानीय उद्योगों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इससे प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ाने, उत्पादों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने में मदद मिलेगी।
इस सम्मेलन में सतत विकास लक्ष्य-7 के अनुरूप ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव में मानकीकरण की भूमिका पर भी चर्चा की गयी। सतत विकास लक्ष्य-7 का उद्देश्य सभी लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है।
त्रिशूर जिला कलेक्टर शिखा सुरेंद्रन ने जॉयस पैलेस में आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन किया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) महाप्रबंधक स्मिता आर. ने की।
इस मौके पर श्री सुरेंद्रन ने मजबूत अर्थव्यवस्था के निर्माण में गुणवत्ता मानकों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने भारतीय उत्पादों के लिए गुणवत्ता मानक बनाये रखने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने के बीआईएस के प्रयासों की सराहना की।
स्मिता आर. ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए स्थानीय उद्यमों को अपने उत्पादों और प्रक्रियाओं को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जिला उद्योग केंद्र प्रबंधक प्रणप जी., एस. शशिकुमार और लिपिन रॉय ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रमाणन और मानकों के अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करने के लिए बीआईएस और जिला उद्योग केंद्र के बीच समन्वय के महत्व का उल्लेख किया।
सचिन एम. मेनन ने बीआईएस की प्रमाणन व्यवस्था और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रियाओं पर प्रस्तुति दी। बीआईएस कोच्चि के मानक संवर्धन अधिकारी बेन जोसेफ ने संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी और विश्व मानक दिवस 2026 की विषयवस्तु के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से ऊर्जा दक्षता और सतत औद्योगिक विकास में मानकीकरण के योगदान का उल्लेख किया।
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