चेन्नई , फरवरी 16 -- दक्षिण भारत की प्रसिद्ध अभिनेत्री त्रिशा ने महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणी को लेकर तमिलनाडु प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन का नाम लिए बिना उनकी निंदा की और उनके बयान को बेतुका करार दिया है।
त्रिशा ने इसके साथ ही तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके ) के संस्थाक एवं अध्यक्ष विजय का समर्थन किया है।
त्रिशा के वकील की ओर से और उनके सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किए गए बयान में कहा गया है कि उन्होंने (त्रिशा) कभी उम्मीद नहीं की थी कि राज्य की राजनीति में ऊंचा रुतबा रखने वाला कोई व्यक्ति ऐसी बेतुकी और गलत बातें करेगा। पोस्ट में हालांकि श्री नागेंद्रन का नाम नहीं लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि विजय और त्रिशा दोनों ने 'गिल्ली', 'तिरुप्पाची', 'कुवी' जैसी कई फिल्मों में अहम भूमिका निभायी है। त्रिशा ने कहा, "सबसे ज़रूरी बात यह है कि यह आम कहावत है कि निजी ज़िंदगी को कभी भी सार्वजनिक टिप्पणी या बातचीत का विषय नहीं बनाना चाहिए और यह उम्मीद की जाती है कि ऊंचे पदों पर बैठे लोग सार्वजनिक बातचीत में ज़िम्मेदारी और संतुलन बनाए रखें।"बयान में कहा गया है कि त्रिशा न तो किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ी हैं और न ही ऐसा करने का इरादा रखती हैं। जब भी राजनीति की बात आती है, तो उन्होंने हमेशा तटस्थता बनाए रखी है। उनका नाम उन मामलों में नहीं घसीटा जाना चाहिए जो उनसे जुड़े नहीं हैं।
उल्लेखनीय है कि श्री विजय के इस दावे का जवाब दिया था कि टीवीके ही सत्तारूढ़ द्रमुक को चुनौती देने वाली अकेली पार्टी है और अन्ना द्रमुक-भाजपा गठबंधन को बेकार बताया था। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री नागेंद्रन ने श्री विजय को अनुभवहीन बताया था और कहा था कि अभिनेता से राजनीतिज्ञ बने श्री विजय को पहले त्रिशा के घर से बाहर आकर ज़मीन पर कुछ अनुभव हासिल करना चाहिए। जब उनसे उनकी बातों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अपनी बात पर अड़े रहे और कहा कि उन्होंने यह एक बार कहा था और अब दोबारा नहीं कहेंगे।
द्रमुक और कांग्रेस के साथ-साथ रामदास सीनियर के पीएमके ने भी इस टिप्पणी को लेकर श्री नागेंद्रन पर हमला बोला है और उन पर महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया है। द्रमुक प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा, "वे मनु धर्म को मानते हैं, जो कभी औरतों को इज्ज़त नहीं देता। यह स्वाभाविक है कि वह इस तरह बोल सकते हैं। वे औरतों के साथ बुरा बर्ताव करते हैं और इसके लिए जाने जाते हैं और यही वजह है कि तमिलनाडु के लोग भाजपा के खिलाफ हैं।"तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष के सेल्वापेरुंथगई ने कहा, "ऐसे घटिया टिप्पणी से किसी को बदनाम करने की क्या मजबूरी है?" उन्होंने कहा कि किसी की निजी जिंदगी को राजनीति में लाना ठीक नहीं है।
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