धार , सितंबर 13 -- पर्युषण पर्व के अवसर पर भगवान महावीर स्वामी का जन्म वाचन समारोह शहर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। नगर के श्री पार्श्वनाथ जैन मंदिर में चातुर्मास के लिए विराजित साध्वी भगवती जितेश रत्नश्रीजी महाराज साहब की निश्रा में जन्म वाचन कार्यक्रम संपन्न हुआ।
समारोह में भगवान महावीर के गर्भधारण के समय माता त्रिशला को आए 14 स्वप्नों का वर्णन किया गया। जैन परंपरा के अनुसार इन 14 स्वप्नों के चढ़ावे की बोलियां समाजजनों ने उत्साहपूर्वक लगाईं। इसके बाद साध्वीजी महाराज साहब ने कल्पसूत्र का वाचन किया। जैसे ही भगवान महावीर के जन्म की घोषणा हुई, पूरा पंडाल 'त्रिशला नंदन वीर की जय', 'बोलो महावीर की जय' और 'महावीर, जय महावीर' के जयघोष से गूंज उठा। समाजजनों ने श्रीफल वधारकर भगवान महावीर के आगमन की भक्ति की।
नवकार मंडल द्वारा केसरिया रंग के छापे लगाने का चढ़ावा लिया गया और समाजजनों को केसरिया रंग के छापे लगाए गए। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर श्री संघ अध्यक्ष प्रकाश बाफना, वर्धमान सुराणा एवं चातुर्मास समिति अध्यक्ष रोहित नाहर ने समाजजनों का आभार माना। कार्यक्रम का संचालन विजय मेहता ने किया।
पीयूष जैन ने बताया कि रात्रि में भगवान महावीर के पालना जी का भक्ति कार्यक्रम नवकार मंडल के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इसमें जावरा की संगीतकार प्रियंका जैन सुराणा ने भगवान महावीर के भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दीं। भक्ति गीतों से पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम के पश्चात श्री संघ एवं चातुर्मास समिति की ओर से संगीतकार प्रियंका जैन सुराणा का बहुमान कर भगवान महावीर का चित्र भेंट किया गया।
नवकार मंडल के सुलभ सुराणा, अनुराग मेहता, पीयूष जैन, मानव कोठारी, मेहुल सहित सदस्यों ने संगीतकार एवं म्यूजिशियन टीम का आभार माना। अंत में साध्वीजी महाराज साहब ने धर्म के प्रति इसी प्रकार उत्साह और आस्था बनाए रखने की प्रेरणा दी।
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