अगरतला , सितंबर 25 -- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार लोगों को बेहतर तरीके से ज़रूरी चिकित्सा सेवाएं देने के लिए राज्य भर में मौजूदा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अलावा 'आरोग्य मंदिर' भी बना रही है।
डॉ साहा ने बताया कि 1,110 आरोग्य मंदिर पहले ही बनाये जा चुके हैं और गाँव के स्तर पर बुनियादी चिकित्सा ढांचा को बेहतर बनाने की कोशिशें भी चल रही हैं, साथ ही ज़िला और रेफरल अस्पतालों में सुविधाओं को और बेहतर किया जायेगा। शहर में राधा नगर, जगहरीमुरा, उजान अभयनगर, धलेश्वर और रामकृष्ण शिवालय आश्रम में अर्बन आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया गया। एडी नगर में 2.10 करोड़ रुपये की लागत से 12 कमरों वाले अर्बन पॉलीक्लिनिक का निर्माण भी पूरा हो गया है, जिससे राज्य के अस्पतालों पर दबाव कम होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता देती है। सुधारों के कारण राज्य के बाहर रेफर किए जाने वाले मरीज़ों की संख्या में कमी आयी है। यह संख्या 2023 में 555 थी जो 2026 में अब तक घटकर 161 हो गयी है। लोगों को राज्य के भीतर ही सही इलाज मिले, इसके लिए कोशिशें जारी हैं। पहाड़ी इलाकों में सैटेलाइट स्वास्थ्य केन्द्र दूर-दराज़ के इलाकों तक सेवाएँ पहुँचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण अस्पतालों में डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी और आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ देने में अहम योगदान देते हैं।
उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन ने इलाज की गुणवत्ता को काफी बेहतर बनाया है और इस प्रणाली को और आगे बढ़ाने के लिए अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज के जीबीपी अस्पताल में एक अत्याधुनिक स्टूडियो बनाने की योजना है। ई-संजीवनी सिस्टम भी अहम भूमिका निभाता है।
डॉ साहा ने कहा कि राज्य चिकित्सा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए एकीकृत स्वास्थ्य चिकित्सा प्रणाली (आईएचएमएस) विकसित करके प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन का पालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन और स्वास्थ्य अवसंरचना दोनों को आगे बढ़ाकर राज्य को स्वास्थ्य पयर्टन केन्द्र के तौर पर विकसित करने की योजना है।
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