अगरतला , मार्च 16 -- त्रिपुरा के वित्त मंत्री प्रणजीत सिंघा ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 34,212 करोड़ रुपये बजट पेश किया, जिसमें 240.72 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया गया है।
श्री सिंघा रॉय ने बजट पेश करते समय विकास-उन्मुख खर्च और बुनियादी ढांचे के विकास पर सरकार के ध्यान पर ज़ोर दिया। उन्होंने विधानसभा को बताया कि प्रस्तावित पूंजीगत व्यय 8,945.92 करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष के बजट अनुमान से 13.19 प्रतिशत अधिक है। इस बढ़ी हुई राशि का उद्देश्य बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और पूरे राज्य में दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं को समर्थन देना है।
उन्होंने राज्य के विकास के लिए सामूहिक प्रयासों का भी आह्वान किया और त्रिपुरा को एक ऐसे विकसित राज्य में बदलने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, जहाँ लोगों के लिए अधिक अवसर और समृद्धि हो। बजट में राजकोषीय अनुशासन और जन कल्याणकारी पहलों के बीच संतुलन बनाते हुए सरकार की विकास प्राथमिकताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में विधानसभा में इस पर चर्चा जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने राज्य के 1.2 लाख सरकारी कर्मचारियों और 8,000 से अधिक पेंशनभोगियों के लिए पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) की घोषणा की। इस घोषणा से केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के बीच डीए और डीआर प्राप्ति में अंतर घटकर 17 प्रतिशत रह गया है।
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