अगरतला , जुलाई 25 -- त्रिपुरा सरकार ने राज्य के ग्रामीण इलाकों में जानवरों के इलाज की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए 50 मिनी मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट (एमएमवीयू) शुरू की हैं।

पशु संसाधन विकास मंत्री सुधांशु दास ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने पशुपालन को ग्रामीण इलाकों में संपत्ति बनाने और रोज़गार पैदा करने का एक ज़रिया बनाया है।उन्होंने कहा कि ये 50 नई यूनिट त्रिपुरा के दूर-दराज़ इलाकों में इलाज, टीके और बीमारियों की जांच की सुविधा पहुंचाएंगी। श्री दास ने बताया कि इन वाहनों के लिए 2024-25 के राज्य बजट से फंड दिया गया है। ये अब ब्लॉक-स्तर के कार्यालय में मौजूद हैं ताकि मुश्किल जगहों पर रहने वाले किसानों की मदद की जा सके।

त्रिपुरा में 13 बड़ी मोबाइल यूनिट्स हैं, लेकिन उन्हें स्थानीय इलाकों की बनावट के कारण काम करने में दिक्कत होती है। ये छोटे वाहन सीधे किसान के घर तक जा सकते हैं। विभाग का मकसद पशुओं की सेहत सुधारना, मांस, दूध और अंडे की सप्लाई बढ़ाना और ज़्यादा युवाओं को रोज़गार देना है।

श्री दास ने बीमारी से बचाव पर ज़ोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार खुरपका-मुंहपका बीमारी के लिए नियमित रूप से मुफ़्त टीकाकरण अभियान चलाती है। टीमें बहुत बीमार जानवरों को देखने के लिए उनके घर भी जाती हैं।

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