अगरतला , अप्रैल 11 -- त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (एडीसी) की 28 सीटों के लिए रविवार को होने वाले चुनाव की तैयारियों के लिए मतदान दल शनिवार को सुबह से ही रवाना हो गए।
त्रिपुरा राज्य चुनाव आयोग के सचिव अनुराग सेन ने बताया कि इन चुनावों के लिए 1,257 मतदान केंद्र बनाये गये हैं। हिंसा की आशंकाओं के चलते यह अभियान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चलाया जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए लगभग 10 हजार मतदान कर्मचारियों और करीब 16,000 सुरक्षाकर्मियों को 16 स्थानों पर तैनात किया गया है।
उन्होंने बताया कि कुल 9.62 लाख मतदाता जिनमें 4.80 लाख महिला मतदाता शामिल हैं ,जो विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के 173 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान कर्मचारियों के अलावा, आयोग ने वरिष्ठ सिविल सेवकों सहित 300 से अधिक सेक्टर मजिस्ट्रेट और 28 मतदान पर्यवेक्षकों को चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए नियुक्त किया है। आयोग ने मौजूदा मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मतदाताओं और मतदान अधिकारियों दोनों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय लागू किए हैं।
इस बीच, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने 311 मतदान केंद्रों को अत्यधिक संवेदनशील और 693 मतदान केंद्रों को संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया है। इन चिंताओं को दूर करने के लिए, किसी भी संभावित विध्वंसक गतिविधि को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) तैनात किया जाएगा।
श्री अनुराग ने मतदाताओं से निडर होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने का आग्रह करते हुए कहा, "चुनाव के दौरान किसी भी परिस्थिति में अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं।
सुरक्षा आश्वासनों के बावजूद, पिछले कुछ दिनों में ढलाई, खोवाई और पश्चिम त्रिपुरा जिलों में भाजपा और टिपरा मोथा के समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़पों के कारण चिंताएं बनी हुई हैं।
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