अगरतला , मई 06 -- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को जनता की शिकायतों के समाधान में सतर्क और सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं।
डॉ साहा ने बुधवार को सरकारी निर्णयों को लागू करने में हो रही देरी और कुछ कर्मचारियों के ढुलमुल रवैये पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ये बातें नागरिकों में असंतोष का कारण बन रही हैं।उन्होंने पूरे त्रिपुरा में यातायात के सुचारू प्रवाह की आवश्यकता पर जोर दिया, और 'कार्य निगरानी प्रणाली' के तहत विभिन्न जन कल्याणकारी पहलों तथा प्रशासनिक उपायों की प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक में सभी आठ जिलों के जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक और सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
डॉ. साहा ने कहा कि उनका प्रशासन जनता की सरकार का प्रतिनिधित्व करता है। जनता से जुड़े मुद्दों के समाधान में सभी विभागों को सक्रिय, सतर्क और जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने सेवाओं की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभागों के भीतर नियमित निगरानी का आह्वान किया।
उन्होंने अधिकारियों को शहरी इलाकों में भीड़भाड़ कम करने के लिए तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए। इसमें ओवरलोड वाहनों पर कड़ी नज़र रखना और यह सुनिश्चित करना कि अहम जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक ट्रैफिक सिग्नल ठीक से काम करें जैसे उपाय शामिल हैं।
उन्होंने परिवहन विभाग को बेहतर वाहन व्यवस्था के लिए नए मोटर स्टैंड बनाने का काम तेज़ी से करने का भी निर्देश दिया। डॉ. साहा ने नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी सरकार के 'ज़ीरो-टॉलरेंस' रुख को दोहराया और पुलिस तथा प्रशासनिक निकायों को रेलवे और अन्य रास्तों से नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के प्रयासों को तेज़ करने का निर्देश दिया।
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