अगरतला , फरवरी 13 -- त्रिपुरा की सामाजिक कल्याण एवं सामाजिक शिक्षा मंत्री टिंकू रॉय ने दावा किया है कि पिछले साल राज्य में 700 से ज़्यादा बाल विवाह रोके गये हैं।

श्री रॉय ने इसे इस प्रथा के खिलाफ सरकार के अभियान में एक अहम उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, "बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक चुनौती बनी हुई है और सरकार इसे खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।" उन्होंने नाबालिगों को कम उम्र में शादी से बचाने के लिए मज़बूत कानूनी कार्रवाई, बेहतर निगरानी और ज़्यादा लोगों तक पहुंचने की कोशिशों पर ज़ोर दिया।

मंत्री ने स्थानीय अधिकारियों, सामुदायिक नेताओं, माता-पिता और निवासियों से ज़मीनी स्तर पर मिलकर काम करने की अपील की ताकि तरक्की बनी रहे और किशोरियों के अधिकारों की रक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर जागरुकता अभियान जैसी सरकार की जारी कोशिशें, नाबालिग किशोरियों को उनके अधिकारों और शिक्षा की अहमियत के बारे में जागरूक करने के लिये बनायी गयी हैं। इन कोशिशों के तहत, रोकथाम की रणनीतियों को मज़बूत करने के लिए कुछ कमज़ोर इलाकों को आधिकारिक तौर पर बाल विवाह-मुक्त ज़ोन घोषित किया गया है।

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