अगरतला , अक्टूबर 13 -- पश्चिम त्रिपुरा जिला प्रशासन ने आगामी दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम और डीजे बॉक्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

ज़िला मजिस्ट्रेट डॉ. विशाल कुमार ने मंगलवार को घोषणा की कि पूजा समितियों को सीसीटीवी कैमरे लगाकर, पर्याप्त रोशनी का इंतज़ाम करके और स्वयंसेवकों को तैनात करके सुरक्षा बढ़ानी होगी। उन्होंने बच्चों, बुज़ुर्गों और स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों जैसे कमज़ोर वर्गों की सुरक्षा के महत्व पर ज़ोर दिया। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में बहुत अधिक शोर पर रोक का मकसद स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करना है। इसके लिए पुणे की एक दुखद घटना का हवाला दिया गया, जिसमें शोर-शराबे वाले उत्सव के दौरान एक बच्चे को जानलेवा दिल का दौरा पड़ा था।

डॉ. कुमार ने कहा कि पूजा आयोजकों को पंडालों में बिजली जाने पर कामकाज जारी रखने के लिए इनवर्टर या जनरेटर जैसे वैकल्पिक बिजली स्रोतों का इंतज़ाम करना होगा। जो समितियां ये सुविधाएं नहीं दे सकतीं, उन्हें चार से पांच घंटे तक चलने वाली इमरजेंसी लाइटिंग की व्यवस्था करने की सलाह दी गयी है। आयोजकों को आगंतुकों की मदद के लिए विशेष बैज या टोपी पहने हुए पहचाने जा सकने वाले स्थानीय स्वयंसेवकों को तैनात करना होगा। पुलिस, अगरतला नगर निगम और पूजा समितियों की संपर्क जानकारी पंडालों के प्रवेश और निकास द्वारों पर प्रमुखता से प्रदर्शित की जानी चाहिए। हर पूजा क्लब के लिए यह भी ज़रूरी है कि वह मुख्य क्षेत्रों, जैसे प्रवेश बिंदुओं और पंडालों के अंदरूनी हिस्सों की निगरानी के लिए दो से तीन सीसीटीवी कैमरे लगाये।

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