अगरतला , सितंबर 26 -- त्रिपुरा सरकार ने आगामी 31अक्टूबर तक पूरे राज्य में डिजिटल स्वास्थ्य बदलाव (हेल्थ ट्रांसफॉर्मेशन) को पूरा करने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है और राज्य भर में एक एकीकृत , आपस में जुड़ने योग्य और नागरिक-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं का पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की कोशिश कर रही है।

यह रणनीतिक रोडमैप कल नयी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित 'आरोग्य मंथन 2026' में हेल्थकेयर में डिजिटल बदलाव पर हुई एक पैनल चर्चा के दौरान पेश किया गया।

यह कार्यक्रम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा की मौजूदगी में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के आठ साल और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के पांच साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।

त्रिपुरा के स्वास्थ्य सचिव किरण गिट्टे ने इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (आई-एचएमआईएस) को लागू करने में त्रिपुरा के अनुभव को पेश किया और डिजिटल हेल्थकेयर के लिए राज्य का भावी रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि इसका मकसद अलग-अलग और कागज़ पर निर्भर हेल्थकेयर सेवाओं से हटकर एक जुड़े हुए डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के पारिस्थितिकी तंत्र की ओर बढ़ना है, जिसमें नागरिक, डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्य केंद्र, फार्मेसी, प्रयोगशालाएं और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रम एक इंटीग्रेटेड इंफॉर्मेशन फ्रेमवर्क के तहत काम कर सकें।

आई-एचएमआइएस को मुख्य ऑपरेशनल सिस्टम के तौर पर तैयार किया जा रहा है, जबकि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन अलग-अलग तंत्र के बीच स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी के सुरक्षित और आसान आदान-प्रदान के लिए 'इंटरऑपरेबिलिटी फ्रेमवर्क 'उपलब्ध करायेगा।

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