अगरतला , अक्टूबर 24 -- त्रिपुरा के अगरतला में एक क्लब के सचिव की हत्या के मामले में आरोपी एवं विचाराधीन कैदी की शुक्रवार को सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं जीबीपी अस्पताल में मौत हो गयी।

मृतक की पहचान प्रद्योत धर चौधरी के रूप में हुई है। उसे बिशालगढ़ केंद्रीय जेल में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वह अगर्तला हवाई अड्डे के पास उषा बाजार इलाके में भारत रत्न संघ के पूर्व सचिव दुर्गा प्रसन्ना की करीब दो साल पहले हुई हत्या के मामले में मुकदमे का सामना कर रहा था।

परिवार के सदस्यों के अनुसार, मौत से एक दिन पहले तक चौधरी की तबीयत ठीक थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार सुबह बिशालगढ़ केंद्रीय जेल में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गयी। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गयी।

परिवार ने आरोप लगाया कि इलाज के लिए जरूरी इंजेक्शन देने में देरी उसकी मौत की वजह हो सकती है। उनका दावा है कि उपचार के लिए आवश्यक महंगे इंजेक्शन को लगाने से पहले डॉक्टरों ने जेल अधिकारियों या परिवार के किसी सदस्य से लिखित अनुमति मांगी थी।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि जेल का कोई भी अधिकारी आवश्यक अनुमति संबंधी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार नहीं हुआ। वहीं, उस समय अस्पताल में परिवार का कोई सदस्य भी मौजूद नहीं था। उनका दावा है कि इन परिस्थितियों के कारण इंजेक्शन नहीं लगाया जा सका।

चौधरी की मौत की वास्तविक परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं और परिवार के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

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