अगरतला , नवंबर 07 -- त्रिपुरा के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में इस बार कड़ा मुकाबला है जिनमें कुल 879 उम्मीदवार मैदान में हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 345 उम्मीदवारों के साथ सबसे आगे है, जबकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 263 और कांग्रेस के 221 उम्मीदवार मैदान में हैं। टिपरा मोथा के 15 उम्मीदवार हैं और बाकी 35 उम्मीदवार अन्य दलों से हैं।
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार 345 वार्डों वाले 21 शहरी स्थानीय निकायों के लिए कुल 1,109 नामांकन पत्र प्राप्त हुए हैं। 51 वार्डों वाले अगरतला नगर निगम (एएमसी) में कुल 164 उम्मीदवार हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों से 51-51, माकपा से 44 और बाकी अन्य दलों से हैं। रानीरबाजार नगर परिषद की 13 सीटों पर केवल भाजपा के उम्मीदवार हैं, और मोहनपुर नगर परिषद की 15 सीटों पर भी सभी उम्मीदवार भाजपा से ही हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि उम्मीदवारों की दौड़ में भाजपा का दबदबा है, जबकि राज्य के शहरी निकायों में माकपा और कांग्रेस की भी अच्छी-खासी भागीदारी है।
चुनाव के एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंचने के साथ त्रिपुरा राज्य चुनाव आयोग ने पूरी चुनावी प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रखने के लिए राज्यभर में 33 चुनाव पर्यवेक्षकों को तैनात किया है।
राज्य चुनाव आयुक्त प्रदीप कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि इन पर्यवेक्षकों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपने से पहले राज्य के अतिथि कक्ष में आयोजित एक बैठक में पूरी जानकारी दी गई थी।
वे नामांकन पत्रों की जांच की निगरानी करेंगे और चुनावी गतिविधियों पर नजर रखेंगे। वे रिटर्निंग अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे, मतदान केंद्रों का दौरा करेंगे और चुनाव के दौरान महत्वपूर्ण मौकों पर आयोग को नियमित रिपोर्ट सौंपेंगे। श्री चक्रवर्ती ने भरोसा दिलाया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के जरिए होने वाले ये चुनाव कानूनी दिशा-निर्देशों और चुनावी नियमों का पूरी तरह से पालन करते हैं।
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