अगरतला , अगस्त 28 -- त्रिपुरा के 20 शहरी इलाकों में रोज़ाना लगभग 352.78 टन ठोस कचरा निकलता है जिसमें से 57.18 प्रतिशत को वैज्ञानिक तरीके से संसाधित किया जाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने आज विधानसभा में यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री एवं शहरी विकास मंत्री डॉ. साहा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक जाहर चक्रवर्ती और कांग्रेस विधायाक सुदीप रॉय बर्मन के एक बिना तारांकित सवाल के जवाब में सदन को बताया कि महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को वार्ड के हिसाब से कचरा संग्रहण प्रणाली में शामिल किया गया है।

इस प्रणाली में गीला और सूखा दोनों तरह का कचरा घर-घर जाकर इकट्ठा किया जाता है। डॉ. साहा ने कहा कि इकट्ठा किये गये कचरे को बाद में द्वितीयक कचरा पृथक्करण शेड में जाया जाता है, जिसमें हर सुविधा दो या तीन वार्डों को सेवा देती है।

सरकार के अनुसार गीले कचरे को फिर संसाधित प्रक्रिया पुनर्चक्रण और पुन:प्राप्ति के लिए एकीकृत सामग्री सुधार सुविधा एवं खाद निर्माण सुविधा में भेजा जाता है। राज्य सरकार ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए अगरतला नगर निगम में ठोस कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए 39 करोड़ रुपये दिये हैं।

उन्होंने बताया कि इस स्वीकृति से चार स्टीयर लोडर, चार ट्रिपर, चार सेसपूल गाड़ियां, दो गाड़ी पर लगने वाली सक्शन मशीन, 400 पुश कार्ट और घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा करने के लिए 50 इलेक्ट्रिक तिपहिया या चार पहिया वाहन खरीदने में आसानी होगी।

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