अगरतला, जनवरी 25 -- पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि केन्द्र सरकार त्रिपुरा के अगरवुड क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर नयी पहचान दिलाने के लिए भौगोलिक संकेत (जीआई) प्रमाणन हासिल करने की तैयारी कर रही है।
श्री सिंधिया ने उत्तर त्रिपुरा के कदमतला में अगरवुड बिजनेस क्लस्टर की आधारशिला के बाद इस क्षेत्र की विशाल क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि मूल्य संवर्धन, उत्पादन विस्तार और सीधे निर्यात संपर्कों के माध्यम से इस क्षेत्र का वार्षिक टर्नओवर वर्तमान 100 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 2,000 करोड़ रुपये तक पहुँच सकता है। इस अवसर पर लगभग 40 उद्योगपतियों ने त्रिपुरा के अगरवुड क्षेत्र में निवेश करने की इच्छा जताई।
गौरतलब है कि अगरवुड विश्व स्तर पर इत्र उद्योग का मुख्य घटक है और त्रिपुरा, वर्तमान में दुबई तथा अन्य मध्य पूर्वी देशों को इसका प्रमुख निर्यातक है।
श्री सिंधिया ने इस क्षेत्र के लिए एक व्यवस्थित इकोसिस्टम बनाने की केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराई। इसके तहत नीतिगत सहायता, डिजिटल अनुमोदन और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने मंत्रालय के सहयोग से बन रहे कॉमन प्रोसेसिंग सेंटर के निर्माण की शुरुआत भी की। त्रिपुरा और असम में ऐसे दो केंद्र स्थापित करने की योजना है ताकि पूरी मूल्य श्रृंखला में प्रसंस्करण को सुगम बनाया जा सके।
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