अगरतला , जुलाई 11 -- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ माणिक साहा ने कहा है कि राज्य की लगभग 80 प्रतिशत आबादी के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) बनाये जा चुके हैं, जबकि हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) और हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) का कार्य पूरी तरह पूरा कर लिया गया है।

डॉ. साहा ने शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह जानकारी देते हुए कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का राज्य में सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया है। इसके तहत नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य पहचान उपलब्ध करायी गयी है तथा स्वास्थ्य सेवाओं को एक सुरक्षित डिजिटल मंच से जोड़ा गया है।

उन्होंने बताया कि 'स्कैन एंड शेयर' सेवा के तहत राज्य के 31 सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अब तक लगभग 18 लाख डिजिटल टोकन जारी किये जा चुके हैं, जिससे प्रतीक्षा समय में कमी आयी है और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता तेज हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम त्रिपुरा जिले को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के मॉडल जिले के रूप में चुना गया है। राज्य के सभी नागरिकों के शत-प्रतिशत एबीएचए खाते सुनिश्चित करने के लिए घर-घर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

डॉ साहा ने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना (सीएम-जेएवाई) के तहत सूचीबद्ध सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन एकीकृत अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) लागू करने के निर्देश दिये गये हैं।

उन्होंने कहा कि एकीकृत अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (आईएचएमआईएस) को विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य पोर्टलों से जोड़ने के प्रयास किये गये हैं, ताकि मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और रिकॉर्ड का निर्बाध आदान-प्रदान सुनिश्चित हो सके। साथ ही पीएम-जेएवाई और सीएम-जेएवाई के तहत आने वाले सभी सरकारी अस्पतालों में शीघ्र ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा विनिमय (नेशनल हेल्थ क्लेम एक्सचेंज) प्रणाली शुरू की जाएगी।

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