दुर्ग , सितंबर 03 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आगामी त्योहारों के मद्देनजर पुलिस ने डीजे, साउंड सिस्टम, पंडाल और किराया भंडार संचालकों के लिए ध्वनि, यातायात और सुरक्षा संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं। जिले में रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक ध्वनि बढ़ाने वाले यंत्रों और वाद्य यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

पुलिस से गुरुवार को मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को कंट्रोल रूम सेक्टर-6 में आयोजित बैठक में जिले के 50 से ज्यादा संचालकों को नियमों की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया गया कि दिन के समय भी निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि होने पर कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र की आवाज आसपास के सामान्य शोर से 10 इकाई से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और अधिकतम सीमा 75 इकाई रहेगी। दोनों में से जो सीमा कम होगी, वही मान्य होगी। संचालकों को ध्वनि की निगरानी के लिए अपने साथ आवाज मापने वाला यंत्र रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, न्यायालय और सरकारी कार्यालयों के आसपास 100 मीटर के दायरे को शांत क्षेत्र मानते हुए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। इन क्षेत्रों में तेज आवाज में डीजे या अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। वाहनों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाकर इस्तेमाल करने पर भी रोक रहेगी।

पुलिस ने पंडाल संचालकों को निर्देशित किया है कि पंडाल सफेद निशान के पीछे ही लगाए जाएं। मुख्य सड़क, आम लोगों के आवागमन और आपातकालीन रास्तों को किसी भी स्थिति में बाधित नहीं किया जाए। पंडाल लगाने से पहले नगर निगम और संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

आयोजकों को आग से बचाव और विद्युत सुरक्षा की जांच कराने के साथ ही पंडाल की संरचनात्मक सुरक्षा तथा उसमें लोगों की निर्धारित क्षमता का परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संचालकों को उच्च न्यायालय के 20 नवंबर 2023 के आदेश तथा ध्वनि प्रदूषण से संबंधित प्रचलित नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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