तेहरान , जुलाई 05 -- ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की नमाज-ए-जनाजा रविवार को राजधानी तेहरान स्थित इमाम खुमैनी मुसल्ला में अदा की गयी, जिसमें लाखों की तादाद में शोक संतप्त लोग शामिल हुए।
जनाजे की नमाज में शामिल होने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग मुसल्ला परिसर में जुटने लगे थे, जिनमें से कई लोगों के हाथों में ईरान का राष्ट्रीय ध्वज था। इस ऐतिहासिक नमाज-ए-जनाजा की अगुवाई प्रमुख धार्मिक नेता आयतुल्लाह जाफर सुब्हानी ने की।
इस दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, वरिष्ठ सैन्य एवं राजनीतिक अधिकारी और दुनिया भर के प्रमुख धार्मिक नेता मौजूद रहे। गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमलों में आयतुल्लाह खामेनेई का निधन हो गया था, जिसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की थी। आयतुल्लाह खामेनेई के नमाज-ए-जनाजा के लिए मुसल्ला का मुख्य प्रार्थना कक्ष समय से पहले ही पूरी तरह भर गया था, जिसके कारण नमाज शुरू होने से कई घंटे पहले ही वहां के सभी प्रवेश द्वारों को बंद करना पड़ा। इतना ही नहीं, परिसर के आस-पास की सड़कों और रास्तों पर भी विशाल जनसमूह दिखाई दिया, जो सर्वोच्च नेता को अंतिम विदाई देने और उनके लिए दुआ करने इकट्ठा हुआ था। नमाज-ए-जनाजा तीन चरणों में संपन्न हुई। पहला चरण दिवंगत सर्वोच्च नेता के लिए था। दूसरे चरण की नमाज सैयदा बुशरा हुसैनी खामेनेई, मेस्बाहुल्होदा बाकेरी और जहरा हद्दाद आदेल के लिए अदा की गयी, जबकि तीसरा चरण सर्वोच्च नेता की पोती जहरा मोहम्मदी गोलपायेगानी के लिए था।
शनिवार तड़के इमाम खुमैनी मुसल्ला में शुरू हुआ, आयतुल्लाह अली खामेनेई का विदाई समारोह रविवार देर रात तक जारी रहेगा, जहां अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का अभूतपूर्व हुजूम उमड़ पड़ा है।
तय कार्यक्रम के अनुसार, तेहरान में मुख्य जनाजे का जुलूस सोमवार को निकाला जायेगा। इसके बाद मंगलवार को पवित्र शहर कोम और गुरुवार को मशहद में भी जनाजा समारोह आयोजित किये जायेंगे, जहां सर्वोच्च नेता को इमाम रजा की पवित्र दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जायेगा।
आयोजकों के मुताबिक, बुधवार को इराक के पवित्र शहरों नजफ और कर्बला में भी सर्वोच्च नेता के लिए विशेष विदाई और नमाज-ए-जनाजा के कार्यक्रम होंगे। इससे पहले, शुक्रवार को तेहरान में विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों, गणमान्य व्यक्तियों और विश्वभर के धार्मिक नेताओं ने उन्हें आधिकारिक तौर पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित