हैदराबाद , जून 21 -- तेलंगाना सरकार की गठित एक कैबिनेट उप-समिति ने मनरेगा के स्थान पर लाए गए वीबी जी राम जी कानून-2025 को चुनौती देने के लिए विपक्षी दलों के शासित राज्यों के साथ एक संयुक्त कार्य योजना तैयार करने और कानूनी तथा संवैधानिक विकल्पों को तलाशने का निर्णय लिया है।
रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कल सिंचाई तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मंत्री सीतक्का, तुम्माला नागेश्वर राव और डॉक्टर विवेक वेंकटस्वामी शामिल हुए। बैठक में इस प्रस्तावित कानून के ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, स्थानीय निकायों और कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा की गई। समिति ने प्रस्तावित कानून में रोजगार के बीच 60 दिनों के अंतराल को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि इससे ग्रामीण श्रमिकों की आजीविका पर बुरा असर पड़ सकता है और रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं। सदस्यों ने रोजगार गारंटी योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने के कथित कदम का भी विरोध किया और इस बात पर जोर दिया कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के साथ उनका नाम जुड़ा रहना चाहिए।
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