हैदराबाद , जुलाई 20 -- तेलंगाना सरकार ने सोमवार को यहां 'कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी' (क्योर) इलाके के लिए 'इंदिरम्मा एलआईजी आवास योजना' शुरू की।

आवास मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर, आईटी एवं उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने सचिवालय में इस योजना का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया और इसके लिए पात्रता की शर्तें एवं आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी दी।

इस योजना में हैदराबाद का बाहरी रिंग रोड तक का इलाका शामिल है और इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक लाख किफायती फ्लैट बनाने की योजना है। योजना के तहत, तेलंगाना हाउसिंग बोर्ड जीएचएमसी, साइबराबाद और मेडचल-मलकाजगिरि में सरकारी भूमि पर बहुमंजिला आवासीय परिससरों का निर्माण करेगा। पहले चरण में क्योर क्षेत्र में16 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में प्रत्येक में लगभग 500 फ्लैट बनाये जायेंगे।

यह योजना उन निम्न-आय वाले परिवारों के लिए है जिनके पास क्योर क्षेत्र में न तो घर है और न ही भूमि। प्रत्येक लाभार्थी को 528 वर्ग फुट का एक फ्लैट मिलेगा जिसमें सरकार भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराएगी जिससे स्वामित्व की लागत में उल्लेखनीय कमी आयेगी।आवेदक को कम से कम 10 वर्षों से क्योर क्षेत्र का निवासी होना चाहिए, उनके पास इस क्षेत्र में कोई मकान या भूखंड नहीं होना चाहिए और प्रत्येक परिवार से केवल एक ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा। जिन लोगों ने पहले किसी भी सरकारी आवास योजना का लाभ प्राप्त किया है वे इसके पात्र नहीं होंगे। आवंटित फ्लैटों को पंजीकरण के बाद 10 वर्षों तक बेचा या हस्तांतरित नहीं किया जा सकता।

श्री श्रीधर बाबू ने इस पहल को कांग्रेस सरकार द्वारा सत्ता संभालने के बाद शुरू किया गया अपनी तरह का पहला शहरी आवास कार्यक्रम बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना सरकार द्वारा अपनी छह गारंटियों के तहत किए गए उस वादे को पूरा करती है जिसके अनुसार ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि ऊर्ध्वाधर आवास मॉडल हैदराबाद में भूमि की ऊंची कीमतों की चुनौती का समाधान करता है और इससे निम्न-आय वाले परिवारों को शहर में अपना घर होने में मदद मिलेगी।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य एक वर्ष के भीतर फ्लैटों की पहली खेप सौंपने का है और भविष्य में मध्यम-आय वर्ग के लिए भी इसी तरह की आवासीय पहल शुरू करने की योजना है।

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