हैदराबाद , मई 07 -- तेलंगाना की पंचायत राज, ग्रामीण विकास और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री सीताक्का ने गुरुवार को घोषणा की कि राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों के लिये ब्याज मुक्त ऋण की सीमा 05 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये की जाएगी।

सुश्री सीताक्का ने ज्योतिबा फुले प्रजा भवन में आयोजित वर्ष 2026-27 की वार्षिक ऋण योजना के अनावरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पात्र स्वयं सहायता समूहों द्वारा लिये गये 10 लाख रुपये तक के बैंक ऋण पर ब्याज का भार स्वयं वहन करेगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने वर्ष 2026-27 के दौरान महिला समूहों के लिये 26,621.47 करोड़ रुपये की ऋण सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 25,228.89 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किये गये थे।

सुश्री सीताक्का ने कहा कि सरकार "इंदिरा महिला शक्ति" पहल के माध्यम से एक करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि महिला स्वयं सहायता समूह जलपान गृह, डेयरी इकाइयों, ईंधन केंद्रों, बस सेवाओं और गोदामों जैसे क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने इस वर्ष महिला समूहों द्वारा लिये गये ऋणों पर ब्याज के बोझ को कम करने के लिये 2,500 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। उन्होंने केवल 1.40 प्रतिशत की कम गैर-निष्पादित संपत्ति (एन.पी.ए.) दर बनाए रखने के लिये स्वयं सहायता समूहों की प्रशंसा भी की।

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