हैदराबाद , जून 27 -- तेलंगाना की पंचायत राज, ग्रामीण विकास और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री सीताक्का ने शनिवार को दिव्यांगों के 14 स्थानीय केंद्रों के लिए ई-ऑटो की शुरुआत की और कहा कि सरकार दिव्यांगों को सहानुभूति के बजाय समान अवसर और सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

हेलेन केलर की जयंती पर ज्योतिराव फुले प्रजा भवन में इस पहल की शुरुआत करते हुए सुश्री सीताक्का ने कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार दिव्यांगों के लिए शिक्षा, रोजगार, पुनर्वास और आजीविका के अवसर बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि ई-ऑटो दिव्यांग बच्चों को उनके घर से स्थानीय केंद्रों तक मुफ्त परिवहन सुविधा देंगे, जिससे उन्हें फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, विशेष शिक्षा और परामर्श की नियमित सुविधा मिल सकेगी।

उन्होंने बताया एसईआरपी ने पूरे राज्य में दिव्यांगों के 13,000 से अधिक स्वयं-सहायता समूह बनाए हैं, जिनमें 82,000 से अधिक सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि स्त्री निधि के माध्यम से 38.16 करोड़ रुपये और महिला समूहों के माध्यम से 4.13 करोड़ रुपये का ऋण के साथ ही 2,248 लाभार्थियों को आजीविका सहायता देना, उनके कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मंत्री ने कहा कि 26 जिलों में 74 नेबरहुड सेंटर्स अभी लगभग 3,000 दिव्यांग बच्चों को पुनर्वास सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने अपने कॉर्पोरेट की सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) कोष के माध्यम से ई-ऑटो पहल का समर्थन करने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन को धन्यवाद दिया और घोषणा की कि सरकार नेबरहुड सेंटर्स को मजबूत और विस्तारित करेगी ताकि सेवाएं हर पात्र लाभार्थी तक पहुंच सकें।

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