दावोस/हैदराबाद , जनवरी 21 -- तेलंगाना सरकार ने स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक में अपनी भविष्य की जीवन विज्ञान नीति 2026-30 पेश की, जिसमें राज्य को दुनिया के शीर्ष पांच जीवन विज्ञान का वैश्विक केंद्र में शामिल करने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप बताया गया है।

यहां बुधवार को एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और उद्योग मंत्री डी श्रीधर बाबू, विशेष मुख्य सचिव संजय कुमार और तेलंगाना जीवन विज्ञान विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शक्ति एम नागप्पन की मौजूदगी में इस नीति का अनावरण किया। इस नीति का लक्ष्य 250 लाख अमेरिकी डॉलर का निवेश हासिल करना और लगभग पांच लाख नयी नौकरियां पैदा करना है। साथ ही तेलंगाना की जीवन विज्ञान रणनीति को बड़े पैमाने पर उत्पादन से हटाकर वैल्यू-ड्रिवन, नवाचार -संचालित विकास की ओर ले जाना है, जो उन्नत उपचार और टिकाऊ बायो-विनिर्माण पर केंद्रित होगी।

श्री रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना एक भरोसेमंद जैव विज्ञान पारिस्थितिकी तंत्र बना रहा है जो वैश्विक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। उन्होंने कहा कि दावोस में लॉन्च यह दिखाता है कि जीवन विज्ञान में विकास का अगला चरण सीमा पार सहयोग, वैश्विक पूंजी और साझा नवाचार एजेंडा से संचालित होगा।

श्री बाबू ने कहा कि राज्य ने पिछले दो सालों में 73,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है और अब अगले पांच सालों में 2 लाख करोड़ रुपये लाने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने कहा कि यह नीति अग्रणीय विज्ञान और उन्नत विनिर्माण मंच जैसे सेल और जीन थेरेपी, पेप्टाइड्स और प्रिसिशन फर्मेंटेशन को प्राथमिकता देती है। साथ ही क्लिनिकल अनुसंधान, डायग्नोस्टिक्स, डिजिटल हेल्थ, फार्मा सेवाओं और मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में पूरे इकोसिस्टम को मज़बूत करती है।

विशेष मुख्य सचिव संजय कुमार ने कहा कि इस नीति के तहत एक अहम सुधार आर एंड डी इकाइयों को पूरी तरह से औद्योगिक उद्यम के रूप में मान्यता देना है, जिससे उन्हें दूसरे उद्योगों के बराबर प्रोत्साहन मिल सकें और उच्च मूल्य वाली वैज्ञानिक गतिविधि पर तेलंगाना के ध्यान को मज़बूती मिले।

श्री नागप्पन ने कहा कि इन नीति में एक जीवन विज्ञान नवाचार कोष शामिल है, जिसे शुरू में 100 करोड़ रुपये का प्रस्तावित किया गया है, जिसे बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये तक किया जा सकता है, ताकि शुरुआती और विकास-चरण नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके और डीप-टेक वेंचर्स, खासकर बायोथेराप्यूटिक्स में मदद मिल सके। उन्होंने तेलंगाना जीवन विज्ञान स्कूल की योजनाओं की भी घोषणा की, जिसकी कल्पना अनुसंधान, शिक्षा और कौशल विकास के लिए वैश्विक उत्कृष्टता वाले विश्वविद्यालय के रूप में की गई है। प्रमुख पहलों में, राज्य विकेन्द्रीकृत और टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आउटर रिंग रोड के किनारे ग्रीन फार्मा सिटी और 10 फार्मा गांवों को लागू करेगा।

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