हैदराबाद , मई 29 -- तेलंगाना सरकार ने शुक्रवार को दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डे-एनआरएलएम) के तहत एक इनक्यूबेटर कार्यक्रम शुरू किया, जिसका उद्देश्य पूरे राज्य में महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे 300 ग्रामीण उद्यमों को सहायता देना और उनका विस्तार करना है।
हैदराबाद के कोमाराम भीम आदिवासी भवन में शुरू किए गए इस कार्यक्रम को 'ग्रामीण गरीबी उन्मूलन समिति' (एसईआरपी) द्वारा बिट्स पिलानी हैदराबाद कैंपस और टी-हब फाउंडेशन के साथ साझेदारी में लागू किया जाएगा, जबकि वी हब फाउंडेशन तकनीकी और कार्यान्वयन सहायता एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। कुल 21.40 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली इस पहल में, इनक्यूबेशन सहायता के लिए 8.74 करोड़ रुपये और महिला उद्यमियों को अनुदान तथा शून्य-ब्याज वाले सॉफ्ट लोन के लिए 12.66 करोड़ रुपये शामिल हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिला उद्यमियों को इनक्यूबेशन, मेंटरिंग, बाजार से जुड़ाव, ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग, वित्तीय सहायता और उद्यम विकास में मदद प्रदान करना है।
तेलंvगाना की पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री दानसारी अनुसूया सीतक्का ने कहा कि यह पहल राज्य सरकार के "कोटी महिलालू कोटीश्वरुलु" (करोड़ों महिलाएं, करोड़ों की मालकिन) के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसके तहत महिलाओं को नौकरी मांगने वालों से नौकरी देने वालों में बदला जाएगा।
एसईआरपी की मुख्य कार्यकारी (सीईओ) और पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास आयुक्त दिव्या देवराजन ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिला उद्यमियों को इनक्यूबेशन भागीदारों और इकोसिस्टम संस्थानों से मिलने वाली व्यवस्थित सहायता के माध्यम से अपने उद्यमों का विस्तार करने में मदद करना है। इस कार्यक्रम से 300 से 500 ग्रामीण रोजगार पैदा होने और तेलंगाना में महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों के विकास के लिए एक विस्तार योग्य मॉडल तैयार होने की उम्मीद है।
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