हैदराबाद , जुलाई 31 -- तेलंगाना सरकार ने कुछ जिलों में नकली और घटिया डीएपी उर्वरक बेचे जाने की रिपोर्ट के बाद किसानों से अनधिकृत विक्रेताओं से उर्वरक न खरीदने की सलाह दी है।

कृषि निदेशक डॉ. बी. गोपी ने एक बयान में कहा है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त डीलरों से ही उर्वरक खरीदें, रसीद (बिल) अवश्य लें, और निर्माता का नाम, निर्माण एवं समाप्ति तिथि, एमआरपी और शुद्ध वजन जैसे विवरणों की जांच करें। इसके अलावा, क्षतिग्रस्त या संदिग्ध बोरियों अथवा असामान्य रूप से कम कीमतों पर मिलने वाले उर्वरकों को खरीदने से बचें। किसानों से यह भी कहा गया है कि वे नकली उर्वरकों के किसी भी संदिग्ध निर्माण, भंडारण, परिवहन या बिक्री की सूचना तुरंत कृषि विभाग के अधिकारियों या पुलिस को दें।

गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में रंगारेड्डी, सूर्यापेट, करीमनगर, नागरकर्नूल और विकाराबाद में नकली और घटिया डीएपी उर्वरक बेचे जाने की जानकारी समाने आयी थी।

यह भी कहा गया है कि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और अन्य लागू कानूनों के तहत नकली उर्वरकों के निर्माण, भंडारण और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और नकली उर्वरकों का स्टॉक जब्त किया गया है।

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