हैदराबाद , अप्रैल 14 -- तेलंगाना सरकार ने मंगलवार को आरटीसी कर्मचारियों से प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने की अपील की और कहा कि जनहित एवं परिवहन निगम की रक्षा करते हुए सभी चिंताओं का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जा सकता है।
तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) के कर्मचारियों ने 22 अप्रैल से राज्यव्यापी हड़ताल की घोषणा की है।
राज्य परिवहन और बीसी कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने एक बयान में कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और कर्मचारियों की शिकायतों को सौहार्दपूर्ण तरीके से दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने स्पष्ट किया कि आरटीसी के सरकार और ट्रेड यूनियनों के साथ विलय से संबंधित मुद्दे आधिकारिक अधिकार क्षेत्र में आते हैं लेकिन अन्य सभी चिंताओं पर बातचीत का रास्ता खुला है।
मंत्री ने कहा, "हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं। कर्मचारी किसी भी समय आगे आकर अपनी समस्याएं बता सकते हैं।" उन्होंने कर्मचारी कल्याण के लिए हाल ही में उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला, जिनमें 2.1 प्रतिशत महंगाई भत्ता लागू करना शामिल है और बताया कि कोई भी डीए बकाया लंबित नहीं है। सरकार आरटीसी कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन आयोग पर भी विचार कर रही है।
विलय के मुद्दे पर ङी प्रभाकर ने कहा कि पिछली सरकार ने नौ सितंबर, 2023 को एक समिति का गठन किया था लेकिन यह चुनावों से पहले जल्दबाजी में उठाया गया कदम था। उन्होंने आगे कहा कि तब से लगातार हो रहे चुनाव कार्यक्रमों ने आगे की प्रगति में देरी की है जिसके कारण वर्तमान प्रशासन द्वारा एक व्यापक समीक्षा की आवश्यकता है।
मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि सरकार ने सत्ता संभालने के तुरंत बाद तेजी से कार्रवाई की और 48 घंटों के भीतर महालक्ष्मी योजना के अंतर्गत महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा शुरू की जिससे आरटीसी सेवाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि एक समय गंभीर संकट से जूझ रहा संगठन अब उससे उबर रहा है और कथित रूप से 90 से अधिक डिपो लाभ में चल रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार तीन प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है जिसमें आरटीसी संगठन की सुरक्षा, कर्मचारियों का कल्याण और यात्रियों की सुविधा शामिल हैं।
महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार के चरण में औद्योगिक कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी देते हुए श्री प्रभाकर ने कहा कि हड़ताल से जनता को असुविधा होगी और संगठन की प्रगति प्रभावित होगी। उन्होंने हाल के महीनों में शुरू किए गए सुधारों की भी रूपरेखा प्रस्तुत की जिनमें पीएफ बकाया को 1,205 करोड़ रुपये से घटाकर 600 करोड़ रुपये करने और सीसीएस बकाया को 690 करोड़ रुपये से घटाकर 300 करोड़ रुपये करना शामिल है।
इसके अलावा, 2,978 नई बसें शामिल की गई हैं और 1,134 अनुकंपा नियुक्तियां की गई हैं। नए पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही नियुक्तियां होने की उम्मीद है।
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