हैदराबाद , मार्च 23 -- तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने सोमवार को विधानसभा को सूचित किया कि वर्तमान सरकार सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान के लिए ठोस कदम उठा रही है।
प्रश्नकाल के दौरान सदन के सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि पिछली बीआरएस सरकार के विपरीत (जब वेतन अक्सर हर महीने की 15 तारीख के बाद जमा होता था) वर्तमान सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कर्मचारियों को हर महीने की एक तारीख को बिना किसी देरी के वेतन मिले।
उपमुख्यमंत्री ने प्रमुख उपायों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछली सरकार के बकाया तीन महंगाई भत्ताें (डीए) का भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछली सरकार ने सेवानिवृत्ति लाभों का बोझ कम करने के लिए सेवानिवृत्ति की आयु 58 से बढ़ाकर 61 वर्ष और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी थी। परिणामस्वरूप, लगभग 17,000 कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान करने का वित्तीय दायित्व अब वर्तमान सरकार पर आ गया है।
श्री विक्रमार्क ने सदन को सूचित किया कि कर्मचारियों के सभी लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने आगे बताया कि पिछली सरकार ने 40,150 करोड़ रुपये का बकाया छोड़ दिया था, जिसमें कर्मचारियों के बकाया से संबंधित 4,575 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। इसकी जानकारी विधानसभा में प्रस्तुत श्वेत पत्र में विस्तृत रूप से दी गयी है।
सरकार वर्तमान में इन लंबित बकाया राशियों के भुगतान के लिए हर महीने 700 करोड़ रुपये खर्च कर रही है और प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए इस राशि को बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये करने पर विचार कर रही है। उन्होंने आगे बताया कि पदभार संभालने के बाद से सरकार ने कर्मचारी संबंधी देनदारियों के लिए लगभग 6,146 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
उन्होंने मानवीय दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल ट्रीटमेंट कार्ड शुरू कर रही है-यह एक ऐसा मुद्दा था जिसके लिए यूनियनें लगभग एक दशक से आंदोलन कर रही थीं। इसके अलावा, एक दुर्घटना बीमा योजना लागू की जा रही है जिसके तहत मृतक सरकारी कर्मचारी के परिवार को 1.25 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
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