हैदराबाद , अप्रैल 26 -- तेलंगाना राष्ट्र सेना (टीआरएस) के नेताओं ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पर तीखा हमला बोलते हुए तेलंगाना आंदोलन में अहम भूमिका निभाने का श्रेय के. कविता को दिया है।

टीआरएस नेताओं ने बंजारा हिल्स स्थित पार्टी कार्यालय में रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए दावा किया कि उनके संगठन के गठन से बीआरएस खेमे में खलबली मच गई है और आरोप लगाया कि उसने तेलंगाना के आदर्शों के साथ विश्वासघात किया है और उसका नेतृत्व गलत सूचना फैलाने वाले अभियानों में लिप्त है।

टीआरएस नेता रूप सिंह ने आरोप लगाया कि बीआरएस नेता खुद को 'असली' बताकर सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार का सहारा ले रहे हैं, जबकि उनका दावा है कि टीआरएस से बीआरएस में बदलाव के बाद जनता ने उन्हें नकार दिया है। उन्होंने लगातार ट्रोलिंग और गलत सूचना फैलाने के खिलाफ चेतावनी दी।

श्री गोंगल्ला रंजीत कुमार ने कहा कि टीआरएस के उदय से बीआरएस खेमे में बेचैनी पैदा हो गई है। उन्होंने तेलंगाना आंदोलन में अहम भूमिका निभाने का श्रेय के. कविता को दिया और जोर देकर कहा कि अब वह इसके मूल आदर्शों को पुनर्जीवित करने के प्रयासों का नेतृत्व कर रही हैं।

सैयद इस्माइल और मंचला वरलक्ष्मी सहित अन्य नेताओं ने बीआरएस पर तेलंगाना की विचारधारा को छोड़ने और कार्यकर्ताओं को दरकिनार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया अभियानों के जरिए सुश्री कविता और नयी पार्टी को बदनाम करने की कोशिशों का आरोप भी लगाया।

श्री नरेश प्रजापति ने भी तेलंगाना आंदोलन के कार्यकर्ताओं के साथ बीआरएस नेतृत्व के बर्ताव पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपने मूल सिद्धांतों से भटकने गई है।

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