हैदराबाद , जून 01 -- तेलंगाना में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के प्रदेश सचिव एवं विधायक कुनमनेनी संबाशिव राव ने सोमवार को कहा कि तेलंगाना में पार्टी के बढ़ते प्रभाव को दिखाने वाले लगातार चल रहे राजनीतिक प्रचार के बावजूद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में नहीं आ पाएगी।

श्री राव ने हिमायतनगर के मखदूम भवन में हुई भाकपा राज्य परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि दक्षिणी राज्य बड़े पैमाने पर भाजपा के विस्तार का विरोध कर रहे हैं और पार्टी पर विकास और कल्याणकारी राजनीति के बजाय धार्मिक ध्रुवीकरण पर निर्भर रहने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि भाकपा को वैचारिक संघर्षों को तेज़ करना चाहिए, अपने कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण को मज़बूत करना चाहिए, और किसानों, दलितों, राज्य परिवहन निगम (आरटीसी) कर्मचारियों, सिंगारेनी कर्मचारियों, न्यूनतम मज़दूरी, पेंशन, पोडू ज़मीन और वन अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर बड़े पैमाने पर आंदोलन आयोजित करने चाहिए।

भाकपा नेता ने कहा कि तेलंगाना सरकार के प्रति जनता में असंतोष धीरे-धीरे बढ़ रहा है। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) जनता से प्रभावी ढंग से जुड़ पाने में असमर्थ है। उन्होंने दावा किया कि केवल भाकपा ही जनता से जुड़े मुद्दों पर लोगों के आंदोलनों का नेतृत्व कर सकती है।

श्री राव ने पार्टी को संगठनात्मक रूप से मज़बूत करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और कहा कि भाकपा को भविष्य के चुनावों में कम से कम पाँच विधानसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने एक राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत छह से 14 अगस्त तक तेलंगाना के 40 निर्वाचन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पदयात्राएँ आयोजित करने की योजनाओं की भी घोषणा की। इस बैठक में भाकपा के राष्ट्रीय नेता के. रामकृष्ण और के. नारायण भी मौजूद थे।

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