हैदराबाद , जून 16 -- तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (टीजीसीएसबी) ने मंगलवार को चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर डॉक्टरों को निशाना बनाने वाले बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताई और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

बैठक की अध्यक्षता टीजीसीएसबी की निदेशक शिखा गोयल ने की। इस दौरान एसपी (प्रशासन) हर्षवर्धन, एसपी (ऑपरेशंस) बी. साई श्री तथा राज्य के प्रमुख चिकित्सा संगठनों के 72 प्रतिनिधि मौजूद रहे।

श्रीमती गोयल ने कहा कि साइबर अपराधी अब बड़ी संख्या में स्वास्थ्य क्षेत्र के पेशेवरों को निशाना बना रहे हैं और ऐसे अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता, सतर्कता तथा समय पर शिकायत दर्ज कराना सबसे प्रभावी उपाय हैं। उन्होंने बताया कि सितंबर 2024 से अब तक तेलंगाना में 735 डॉक्टर साइबर ठगी का शिकार हुए हैं और उन्हें कुल 29.88 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

टीजीसीएसबी के आंकड़ों के अनुसार निवेश और बिजनेस फ्रॉड के मामलों में सबसे अधिक नुकसान हुआ। इस श्रेणी में 127 डॉक्टरों से 22.39 करोड़ रुपये की ठगी की गई। इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी में 22 डॉक्टरों को 2.26 करोड़ रुपये, पहचान चोरी के 144 मामलों में 2.05 करोड़ रुपये, प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) धोखाधड़ी के 181 मामलों में 1.32 करोड़ रुपये तथा विज्ञापन संबंधी धोखाधड़ी के 188 मामलों में 1.17 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

इसके अलावा नौकरी दिलाने, सेक्सटॉर्शन, फर्जी ऋण, बीमा, यूपीआई और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े साइबर अपराधों के मामले भी सामने आये हैं।

श्रीमती गोयल ने साइबर वित्तीय अपराधों में 'गोल्डन आवर' के महत्व पर बल देते हुए कहा कि पीड़ितों को तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए, ताकि संदिग्ध लेन-देन को समय रहते रोका जा सके और धन की वसूली की संभावना बढ़ सके।

बैठक में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), तेलंगाना स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एसोसिएशन (टीएसएचए), तेलंगाना डॉक्टर्स फेडरेशन (टीडीएफ) और तेलंगाना हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स एसोसिएशन (थाना) के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया और डॉक्टरों के बीच साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए सुझाव दिए।

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