हैदराबाद , अप्रैल 27 -- तेलंगाना के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) सी. सुदर्शन रेड्डी ने सोमवार को कहा कि चुनाव आयोग जल्द ही राज्य में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू करेगा, जिसके कार्यक्रम की घोषणा शीघ्र ही की जायेगी।
सीईओ ने यहां एक विज्ञप्ति में कहा कि इस पुनरीक्षण अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य मतदाता छूट न जाये और किसी भी अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न रहे। यह कदम बार-बार होने वाले प्रवास (माइग्रेशन), मतदाताओं के दोहरे पंजीकरण और मृत मतदाताओं के नाम सूची से न हटायेजाने जैसी समस्याओं को देखते हुए उठाया जा रहा है।
अधिकारी वर्तमान में मौजूदा मतदाता रिकॉर्ड का मिलान और लिंकिंग उन आंकड़ों से कर रहे हैं जो 2002 में आयोजित पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान एकत्र किये गये थे। मतदाताओं को सलाह दी गयी है कि वे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से या बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) से संपर्क कर अपना या अपने माता-पिता या दादा-दादी का विवरण सत्यापित कर लें।
सीईओ ने कहा कि मतदाता मुख्य चुनाव अधिकारी, तेलंगाना की आधिकारिक वेबसाइट या मतदाता सेवा पोर्टल पर 'सर्च' सुविधा का उपयोग कर 2002 की सूची से विवरण प्राप्त कर सकते हैं। संदर्भ के लिए 2002 की सूची की हार्ड कॉपी बीएलओ के पास भी उपलब्ध है।
गणना चरण के दौरान शुरुआत में किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। उन लोगों को नोटिस जारी किये जायेंगे, जिनके विवरण का मिलान नहीं हो पायेगा और उनसे पात्रता सिद्ध करने के लिए सहायक दस्तावेज जमा करने को कहा जायेगा।
चुनाव आयोग ने संकेत दिया है कि सरकारी एजेंसियों की ओर से जारी पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड को प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। सीईओ ने सभी मतदाताओं से आग्रह किया है कि वे पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान असुविधा से बचने के लिए बीएलओ या निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) से संपर्क कर जल्द से जल्द अपने विवरण का सत्यापन और लिंकिंग सुनिश्चित करें।
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