हैदराबाद , मार्च 13 -- तेलंगाना के सिंचाई एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने शुक्रवार को राज्य के एलपीजी उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद घरेलू एलपीजीकी आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आएगी।
श्री रेड्डी ने डॉ. बी.आर. आंबेडकर सचिवालय से आयोजित उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए राज्य में एलपीजीआपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव, जिला कलेक्टर, नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस अधिकारी और तेल विपणन कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
उन्होंने सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए पर्याप्त स्टॉक, समय पर सिलेंडर की डिलीवरी, जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं से पैदा हो रही अनावश्यक घबराहट को रोकने के लिए भी कदम उठाने को कहा।
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल राज्य में 10,611 टन एलपीजीका भंडार उपलब्ध है, जो लगभग 6.97 लाख सिलेंडरों के बराबर है और मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त है। तेलंगाना में लगभग 1.29 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी कनेक्शन हैं, जिन्हें 810 वितरकों के माध्यम से सेवा दी जा रही है। राज्य में प्रतिदिन करीब 2.5 लाख सिलेंडरों की आवश्यकता होती है। कुल मांग में घरेलू उपभोक्ताओं की हिस्सेदारी लगभग 86 प्रतिशत है, जबकि वाणिज्यिक उपयोग 14 प्रतिशत है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों के आधार पर घबराहट में गैस बुकिंग न करें, क्योंकि आपूर्ति श्रृंखला स्थिर है और नियमित रूप से नयी खेप राज्य में पहुंच रही है। जमाखोरी और सब्सिडी वाले सिलेंडरों की अवैध बिक्री रोकने के लिए सरकार ने न्यूनतम बुकिंग अंतराल को संशोधित करते हुए शहरी उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 45 दिन तय किया है।
श्री रेड्डी ने बताया कि एलपीजी आपूर्ति की निगरानी के लिए राज्य और जिला स्तर पर समन्वय समितियां भी गठित की गई हैं। राज्य स्तरीय समिति का नेतृत्व मुख्य सचिव करेंगे, जबकि जिला कलेक्टर अपने-अपने जिलों में प्रतिदिन समीक्षा करेंगे। सरकार ने अधिकारियों को अस्पतालों, स्कूलों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों जैसी आवश्यक संस्थाओं को निर्बाध एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ओटीपी आधारित डिलीवरी सत्यापन प्रणाली लागू की जा रही है, ताकि सिलेंडर केवल अधिकृत उपभोक्ताओं को ही दिए जाएं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जमाखोरी, अवैध आपूर्ति और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर डीलरशिप लाइसेंस रद्द करने की भी चेतावनी दी गई है।
बैठक में मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव, प्रधान सचिव (नागरिक आपूर्ति) स्टीफन रविंद्र, सिंचाई सचिव ई. श्रीधर, जीएचएमसी आयुक्त आर.वी. कर्णन और तेल कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
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