हैदराबाद , अगस्त 11 -- तेलंगाना पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तेलंगाना के 40 समुदायों को केंद्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में शामिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है।
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जी निरंजन ने इसमें हुई लंबी देरी और आने वाली 2027 की जनगणना का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में कहा कि यह मामला पहले ही 13 अप्रैल, 2026 को उनके ध्यान में लाया जा चुका था। पहले किये गये अनुरोध के बाद केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने इन समुदायों के बारे में जानकारी मांगी थी, जिसके बाद तेलंगाना पिछड़ा वर्ग आयोग ने 18 जुलाई, 2026 को 40 समुदायों की सूची केंद्र को भेज दी थी।
उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने गत तीन अगस्त के एक पत्र में कहा था कि केंद्रीय ओबीसी सूची में समुदायों को शामिल करने या हटाने का काम संविधान के अनुच्छेद 342ए के तहत किया जाता है। इनमें से कुछ समुदायों को 2008 में ही तेलंगाना राज्य की पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल कर लिया गया था, जबकि अन्य समुदाय तब से केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल होने का इंतजार कर रहे हैं।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) ने भी दिसंबर 2021 और सितंबर 2023 में इस मुद्दे पर सुनवाई की थी लेकिन मामला अभी तक किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने कहा कि इस देरी के कारण इन 40 समुदायों के लोग केंद्रीय सरकारी शिक्षण संस्थानों में दाखिले और केंद्रीय सरकारी नौकरियों में ओबीसी से जुड़े अवसरों से वंचित हो रहे हैं।
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