हैदराबाद , अक्टूबर 23 -- तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि राज्य के विकास के लिए सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पूरे राज्य में महत्वपूर्ण संस्थानों एवं अवसंरचना की सुरक्षा करने के लिए तेलंगाना विशेष सुरक्षा बल (टीजीएसपीएफ) की सराहना की।

श्री विक्रमार्क ने आश्वासन दिया कि सरकार अपने कर्मचारियों के कल्याण, पेशेवर विकास, प्रशिक्षण और कामकाजी परिस्थितियों को प्राथमिकता देगी।

शुक्रवार को टीजीएसपीएफ के 35वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए श्री विक्रमार्क ने कहा कि 23 अक्टूबर 1991 को स्थापित बल अब एक विशेष सुरक्षा संगठन बन गया है। यह संगठन सचिवालय, विधानसभा, उच्च न्यायालय, नागार्जुन सागर परियोजना, प्रमुख मंदिरों, सरकारी अस्पतालों, विद्युत संयंत्रों और केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण संस्थानों सहित 67 अहम जगहों की सुरक्षा करता है। इन जिम्मेदारियों को लगभग 2,000 विशेष सुरक्षा बल कर्मी निभा रहे हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में सुरक्षा बल की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा कर्मियों ने यदाद्री, कोठागुडेम और भद्राद्री संयंत्रों सहित विद्युत उत्पादन की महत्वपूर्ण सुविधाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई है, जिससे विद्युत उत्पादन निर्बाध रूप से जारी है। उन्होंने बताया कि निगरानी प्रणालियों, ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और साइबर तकनीकों के जुड़ने से सुरक्षा व्यवस्था कहीं अधिक जटिल हो गई है।

उन्होंने अमीनपुर स्थित विशेष प्रशिक्षण अकादमी का उल्लेख करते हुए निरंतर प्रशिक्षण, तकनीकी कौशल, सतर्कता एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता की आवश्यकता पर बल दिया। अनुशासन, ईमानदारी, सही निर्णय लेने की क्षमता और जनता के साथ कुशल व्यवहार एक प्रभावी सुरक्षा बल के वास्तविक पैमाने हैं। सुरक्षा बल को जनता में भय के बजाय भरोसा जीतना चाहिए।

श्री विक्रमार्क ने उन कर्मियों और उनके परिवारों के त्याग की भी सराहना की, जो त्योहारों, छुट्टियों, रात्रि सेवा और आपातकालीन स्थितियों के दौरान कठिन ड्यूटी में उनका साथ देते हैं। उन्होंने कहा कि टीजीएसपीएफ का आदर्श वाक्य, "प्रगति के लिए सुरक्षा" (प्रगतिकी रक्षण), तेलंगाना की वृद्धि एवं समृद्धि में इसके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।

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