हैदराबाद , जून 15 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी पर मेट्रो नेटवर्क के विस्तार में रुकावट डालने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पिछली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार की वजह से हुई देरी की वजह से हैदराबाद मेट्रो रेल परियोजना की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है।
श्री रेवंत रेड्डी ने सचिवालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हैदराबाद को एक वैश्विक शहर के तौर पर विकसित किया जा रहा है और इसके लिए विश्व स्तरीय परिवहन ढांचे की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि मेट्रो प्रोजेक्ट कांग्रेस के राज में शुरू हुआ था, जिसकी अनुमानित लागत 15,000 करोड़ रुपये थी। उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के समय 2014 और 2017 के बीच मेट्रो का काम रुक गया था, जिसके कारण तीन साल की देरी हुई और लागत 7,000 करोड़ रुपये बढ़ गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालने के तुरंत बाद मेट्रो के विस्तार को प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि एल एंड टी ने पहला चरण पूरा किया था लेकिन उसने 400 करोड़ रुपये से ज़्यादा के सालाना नुकसान का हवाला देते हुए, प्रस्तावित 122 किमी मेट्रो चरण द्वितीय प्रोजेक्ट शुरू करने से मना कर दिया। श्री रेवंत रेड्डी के मुताबिक केंद्र ने राज्य को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एल एंड टी से मेट्रो सिस्टम खरीदने की सलाह दी। इसके बाद राज्य ने 30,000 करोड़ रुपये की कीमत वाली मेट्रो संपत्ति 15,000 करोड़ रुपये में खरीद ली। उन्होंने कहा कि मेट्रो बनाने की मौजूदा लागत लगभग 350 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर है।
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