हैदराबाद , मार्च 27 -- तेलंगाना के पर्यटन और संस्कृति मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव को शुक्रवार को 'अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शांति सम्मेलन-2026' में "विश्व शांति में योगदान के लिए ग्रैंड प्राइज" से सम्मानित किया गया।
यहां आयोजित हुए एक गरिमामयी समारोह में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 'इंटरनेशनल इंटरचेंज डेवलपमेंट एसोसिएशन' ने दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री राव ने कहा, "बौद्ध धर्म विश्व शांति का मार्ग है और इसकी शिक्षाएं मानवता के लिए मार्गदर्शक प्रकाश के समान हैं।" उन्होंने महान बौद्ध आचार्य नागार्जुन के योगदान और कृष्णा नदी के तट पर विकसित 'माध्यमिक शून्यवाद' के सिद्धांत को याद किया।
गौरतलब है कि नागार्जुन (लगभग 150-250 ईस्वी) एक प्रमुख भारतीय महायान बौद्ध भिक्षु और दार्शनिक थे, जिन्हें बुद्ध के बाद सबसे प्रभावशाली बौद्ध विचारकों में से एक माना जाता है। उन्होंने शून्यवाद के सिद्धांत पर आधारित माध्यमिक दर्शन की स्थापना की।
श्री राव ने तेलंगाना की समृद्ध बौद्ध विरासत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह क्षेत्र सदियों से बौद्ध संस्कृति का पालना रहा है। उन्होंने फणिगिरी, नेलाकोंडापल्ली और धूलिकट्टा जैसे ऐतिहासिक स्थलों का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार तेलंगाना को वैश्विक बौद्ध पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागार्जुन सागर स्थित 274 एकड़ में फैले 'बुद्धवनम' प्रोजेक्ट को एक वैश्विक "विश्व शांति केंद्र" के रूप में विकसित करने की बात दोहराई।
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