हैदराबाद , मई 20 -- कई लोगों के लिए, माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना सबसे बड़ा रोमांच होता है। लेकिन भारतीय पर्वतारोही तुलसी रेड्डी पालपुनूरी के लिए, यह हिम्मत, अनुशासन, खुद में बदलाव और लगन का एक ऐसा सफर बन गया, जिसने लोगों को प्रेरित किया।
हैदराबाद, तेलंगाना के कुथबुल्लापुर मंडल के बोवरमपेट गांव की रहने वाली तुलसी रेड्डी पालपुनूरी ने सालों के अनुशासन, सहनशक्ति बढ़ाने वाली ट्रेनिंग और लगातार की गई तैयारियों के बाद, आखिरकार माउंट एवरेस्ट की चोटी पर सफलतापूर्वक कदम रख दिया है।
तुलसी की कहानी को जो बात सबसे ज़्यादा प्रेरित करने वाली बनाती है, वह यह है कि इसकी शुरुआत कितने आम तरीके से हुई थी। कभी खाने-पीने की शौकीन रहीं तुलसी, जो बस फिट रहना चाहती थीं, धीरे-धीरे जिम की कसरत और सेहतमंद जीवनशैली को सहनशक्ति वाले खेलों और पर्वतारोहण के अपने जुनून में बदलती चली गईं। समय के साथ, उन्होंने कई स्थानीय दौड़ें, बेहद मुश्किल 'आयरनमैन चैलेंज' और दुनिया भर में कई ऊंची चोटियों पर चढ़ाई के अभियान पूरे किए।
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