हैदराबाद , मई 18 -- तेलंगाना के राजस्व, आवास और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार आपदाओं के दौरान जन-धन की हानि को कम करने के लिए विश्व स्तरीय तकनीक के माध्यम से आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत कर रही है।

श्री रेड्डी ने राज्यव्यापी मॉक प्रैक्टिस के तहत नेकलेस रोड स्थित एचएमडीए मैदान में मेगा आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का उद्घाटन किया और बाद मेंकमांड एंड कंट्रोल सेंटर में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की।

श्री रेड्डी ने कहा कि किसी भी आपदा के बाद का पहला घंटा यानी 'गोल्डन आवर' अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बाढ़, अग्निकांड और औद्योगिक दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, विभागों के बीच समन्वय और अग्रिम तैयारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन में उपयोग की जा रही वैश्विक स्तर की उन्नत तकनीकों और उपकरणों का अध्ययन कर तेलंगाना की आपात प्रतिक्रिया प्रणाली को सशक्त बनाने संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से आयोजित मॉक ड्रिल अधिकारियों को बचाव और राहत कार्यों में सुधार करने में मदद करेगी।

अभ्यास के दौरान विशेष टीमों ने विशेष नौकाओं के उपयोग, निकासी तकनीकों और समन्वित बाढ़ बचाव उपायों का प्रदर्शन किया।

मंत्री ने बाद में नेकलेस रोड बोटिंग क्लब में बचाव गतिविधियों का निरीक्षण भी किया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ये अभ्यास केवल तैयारियों के तहत आयोजित मॉक ड्रिल हैं और लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं तथा सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलायें।

कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन सचिव दासरी हरिचंदना, अग्निशमन सेवा महानिदेशक विक्रम सिंह मान, हाइड्रा आयुक्त ए.वी. रंगनाथ तथा एनडीएमए के प्रमुख सलाहकार मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) सुधीर बेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

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