हैदराबाद , सितंबर 18 -- तेलंगाना उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को खैरताबाद के विधायक दानम नागेंद्र को दल बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित कर दिया और विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था।
मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति जी. एम. मोहिउद्दीन की खंडपीठ ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) विधायक पाडी कौशिक रेड्डी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल के नेता अलेती महेश्वर रेड्डी की ओर से दायर याचिकाओं पर यह आदेश दिया।
श्री नागेंद्र 2023 के विधानसभा चुनाव में बीआरएस के टिकट पर खैरताबाद से निर्वाचित हुए थे और बाद में 2024 का लोकसभा चुनाव सिकंदराबाद से कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि उनके इस कदम के कारण संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत वह अयोग्यता के दायरे में आते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने 11 मार्च 2026 को अयोग्यता संबंधी याचिकाओं को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि दल-बदल का पर्याप्त साक्ष्य नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
उच्च न्यायालय ने रजिस्ट्री को अपने आदेश की सूचना विधानसभा अध्यक्ष और निर्वाचन आयोग को देने का निर्देश दिया, जिससे खैरताबाद विधानसभा सीट रिक्त हो गई।
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