हैदराबाद , अप्रैल 20 -- महात्मा बसवेश्वर की 893वीं जयंती सोमवार को रविंद्र भारती में भव्य रूप से मनाई गयी, जिसमें कई गणमान्य व्यक्तियों और नेताओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम में मंत्रियों पोन्नम प्रभाकर और वकिटी श्रीहरी, ज़हीराबाद के सांसद सुरेश शेतकर और अन्य प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया और 12वीं सदी के महान समाज सुधारक को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मंत्री वकिटी श्रीहरी ने बसवेश्वर को समानता, न्याय और बंधुत्व के मूल्यों का प्रचार करने वाला महान व्यक्तित्व बताया। उन्होंने "कायकवे कैलासम" (कार्य ही पूजा है) के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि कड़ी मेहनत ही महानता का मार्ग है।

उन्होंने कहा कि बसवेश्वर ने जाति, धर्म और वर्ग से परे समाज की कल्पना की थी तथा लैंगिक समानता और समान अवसरों की वकालत की थी। उनके विचार आज भी सामाजिक जागरूकता को प्रेरित करते हैं और प्रगतिशील बदलाव का मार्ग दिखाते हैं।

मंत्री ने कहा कि समाज में अब भी असमानताएं मौजूद हैं, ऐसे में बसवेश्वर के आदर्श पहले से अधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक विकास तभी संभव है जब समानता, न्याय और बंधुत्व के सिद्धांतों को व्यवहार में अपनाया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और समावेशी नीतियों के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रही है।

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