हैदराबाद , अप्रैल 06 -- तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा ने सोमवार को जलविहार में खाद्य सुरक्षा जागरूकता वॉकाथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जिसमें लगभग एक हजार छात्रों और युवाओं ने हिस्सा लिया था।
यह वॉक आईमैक्स के पास एचएमडीए मैदान पर समाप्त हुई। इसमें स्वास्थ्य, पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
श्री राजनरसिम्हा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली और तेजी से होते शहरीकरण के कारण प्रसंस्कृत और आयातित भोजन पर निर्भरता बढ़ी है, जिससे खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हुई हैं। उन्होंने मिलावटी और घटिया भोजन के सेवन के प्रति आगाह किया और कहा कि इससे गैस्ट्रोइंटेस्टानल (पेट संबंधी) समस्याओं के साथ-साथ मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, गुर्दे के विकार और मोटापे जैसी दीर्घकालिक बीमारियां बढ़ रही हैं।उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 1.41 लाख खाद्य संबंधी व्यवसायिक प्रतिष्ठान हैं। इनमें से लगभग 80 फीसदी शहरी क्षेत्रों में केंद्रित हैं, जो 'रेडी-टू-ईट' और प्रोसेस्ड खाद्य उत्पादों की बढ़ती मांग को दर्शाते हैं।
उन्होंने सरकार के सख्त रुख अपनाने की बात कहते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों में 11,000 से अधिक निरीक्षण किये गये हैं। घटिया सामग्री का उपयोग करने वाले होटलों और रेस्तरां सहित नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की गयी है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि मिलावट करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
श्री राजनरसिम्हा ने कहा कि कानून अनुपालन को मजबूत करने के लिए, सरकार ने 24 नये खाद्य निरीक्षक नियुक्त किये हैं और जमीनी निगरानी बढ़ाने के लिए पांच मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन तैनात की हैं। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षण क्षमता में सुधार के लिए निजामाबाद, हनमकोंडा और महबूबनगर में 15 करोड़ रुपये की लागत से तीन नये क्षेत्रीय खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जायेंगी।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में राज्य सरकार खाद्य मिलावट के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए बनायी गयी विशेष प्रणालियों की तर्ज पर, खाद्य सुरक्षा के लिए एक समर्पित तंत्र पेश किया जायेगा। इसमें आदतन अपराधियों के खिलाफ नजरबन्दी सहित कड़े कानूनी प्रावधान होंगे।
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