जगतियाल , मार्च 25 -- तेलंगाना में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री टी. जीवन रेड्डी ने कांग्रेस से अपना चार दशक पुराना रिश्ता तोड़ते हुए बुधवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

श्री रेड्डी ने कहा कि जगतियाल इकाई में बढ़ती अनुशासनहीनता और आंतरिक संघर्षों का हवाला देते हुए उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेज दिया है।

आईटी मंत्री डी श्रीधर बाबू, तेलंगाना कांग्रेस प्रदेश समिति के अध्यक्ष बी महेश कुमार गौड़, एआईसीसी सचिव सचिन सावंत और सचेतक श्रीनिवास सहित वरिष्ठ पार्टी नेताओं के प्रयासों के बावजूद यह घटनाक्रम हुआ है। इन वरिष्ठ नेताओं ने हाल ही में जगतियाल में श्री रेड्डी से मुलाकात कर उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मनाने की कोशिश की थी।

श्री रेड्डी ने समर्थकों के साथ एक बैठक में अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए आरोप लगाया कि कुछ नेता उन्हें किनारे करने और उनकी राजनीतिक पहचान मिटाने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिले में उनकी स्थिति को कमजोर करने के लिए एक 'साजिश' चल रही थी। हाल के घटनाक्रमों से असंतुष्ट होकर उन्होंने कहा कि नेतृत्व के समक्ष उठाने के बावजूद पार्टी के भीतर आंतरिक मुद्दे अनसुलझे रहे।

श्री रेड्डी ने कहा कि राजनीतिक संघर्ष उनके लिए नये नहीं थे क्योंकि उन्होंने पहले एन चंद्रबाबू नायडू और के चंद्रशेखर राव जैसे नेताओं का मुकाबला किया था, और अब वह मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई के लिए तैयार थे। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व से अन्य दलों से दलबदल करने वाले नेताओं को आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने से रोकने का आग्रह किया था, लेकिन उन्हें धैर्य रखने की सलाह दी गई थी।

श्री रेड्डी ने कहा कि समाधान की कमी के कारण अंततः उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि भविष्य की कार्रवाई का निर्णय अपने समर्थकों से परामर्श करने के बाद लिया जाएगा।

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